Yamuna Expressway: यमुना एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाने के लिए अब जरूरी है यह ऐप, करें लें इंस्टाॅल
यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने ग्रेटर नोएडा से आगरा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए हाईवे साथी (Highway Saathi) मोबाइल ऐप को अनिवार्य कर दिया है। हाईवे अथॉरिटी का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर चलने वाले हर यात्री को अपने मोबाइल फ़ोन पर इस एप्लीकेशन को इनस्टॉल करना जरूरी है। यात्रियों के मोबाइल फ़ोन पर इस इस एप्लीकेशन की जाँच हाईवे अथॉरिटी करेगी।

फिलहाल इस एप्लीकेशन को केवल एंड्राइड डिवाइस के लिए ही लॉन्च किया गया है। एक्सप्रेसवे अथॉरिटी का कहना है कि यात्रियों को हाईवे पर चलते समय यह एप्लीकेशन सुरक्षा नियम बताएगी इसलिए इसे अनिवार्य किया गया है। हाईवे अथॉरिटी ने बताया कि यात्रियों को एप्लीकेशन पर बताए गए दिशानिर्देशों का पालन करना जरूरी है।

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सीईओ डॉ अनुवीर सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने सुरक्षा कारणों से और एक्सप्रेसवे को सुरक्षित बनाने के लिए इसे अनिवार्य कर दिया है।

हाइवे साथी (Highway Sathi) एक ड्राइविंग सॉल्यूशन ऐप है जो हाइवे दुर्घटनाओं, ट्रैफिक जाम और मौसम की रिपोर्ट सहित विभिन्न जानकारी प्रदान करता है। ऐप उपयोगकर्ता को टोल टैक्स का डिजिटल रूप से भुगतान करने की भी सुविधा देता है।

यह ऐप क्रेडिट कार्ड सहित बैंकिंग कार्ड के माध्यम से भुगतान स्वीकार करता है और ई-वॉलेट जैसे पेटीएम, मोबिक्विक, गूगल पे, एयरटेल मनी और अन्य यूपीआई आधारित पेमेंट एप्लीकेशन के द्वारा भुगतान करने की सुविधा प्रदान करता है।

यात्री अपनी यात्रा के संबंध में विभिन्न जानकारी ऐप पर प्राप्त कर सकते हैं। एप्लिकेशन यात्रा के समय, आपातकालीन सेवाओं के संपर्क, ट्रैफिक जाम, गति सीमा, सड़क की स्थिति जैसी कई जानकारियां प्रदान करता है। ऐप "ऑन बोर्ड यूनिट" विकल्प के माध्यम से फ्लीट ऑपरेटरों को अपने वाहनों को ट्रैक करने की अनुमति देता है। फ्लीट मालिक ऐप के माध्यम से अपनी कार की गति और स्थान की जांच कर सकते हैं।

इस वर्ष से, यमुना एक्सप्रेसवे के अधिकारियों ने सर्दियों के महीनों के दौरान गति सीमा कम कर दी। दृश्यता कम होने के कारण पूरे राजमार्ग की गति सीमा 100 किमी / घंटा से घटाकर केवल 75 किमी / घंटा कर दी गई।

हर साल घने कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। ज्यादातर मामलों में वाहन चालकों को दुर्घटना के कारण जान माल का नुकसान उठाना पड़ता है। घटी हुई गति सीमा 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक लागू है।

यमुना एक्सप्रेसवे में दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड सबसे ऊपर है। 2012 से 2018 के बीच यमुना एक्सप्रेसवे पर 4,900 दुर्घटनाएँ हुईं। इनमें से 718 की मौतें हुईं और 7,671 लोग घायल हुए।

दुर्घटनाओं की उच्च दर ने यमुना एक्सप्रेसवे को मौत का जाल बना दिया है और दुर्घटनाओं की संख्या की जांच करने के लिए सरकार ने ऐप विकसित किया है। यह 2016 में विकसित किया गया था, लेकिन अब एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए अनिवार्य है।


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