Renault निसान के कारों के लिए अब नहीं करना होगा इतंजार, कंपनी को उत्पादन जारी रखने की मिली अनुमति
रेनॉल्ट निसान के चेन्नई स्थित प्लांट में पिछले कुछ समय से उत्पादन रुका हुआ है क्योकि कंपनी के कर्मचारियों ने सुरक्षा उपायों में कमी के कारान का हवाला देते हुए काम करने से मना कर दिया था। अब मद्रास उच्च न्यायलय से रेनॉल्ट निसान को उत्पादन जारी रखने की अनुमति मिल गयी है, इसके साथ ही कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी निर्देश दिए गये हैं।

हाल ही में रेनॉल्ट-निसान ऑटोमोटिव ने चेन्नई स्थित प्लांट को 5 दिन के लिए 30 मई 2021 तक बंद रखने का निर्णय लिया था। इसके पीछे कंपनी ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण का हवाला दिया था। इसके पहले कर्मचारी संघ ने 26 मई से हड़ताल करने की बात कही थी, उनकी मांग थी कि फैक्ट्री में सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अब चीफ जस्टिक संजीब बनर्जी व जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्थी ने महामारी से जुड़े मानकों का प्लान करने हुए कंपनी को उत्पादन जारी करहने की अनुमति दी है। कंपनी के कर्मचारी संघ द्वारा 8 मई को सरकार द्वारा जारी किये गये नोटिफिकेशन को चुनौती दी गयी थी जिसमें लॉकडाउन के बावजूद प्लांट को उत्पादन की अनुमति दी गयी थी।

इससे पहले उच्च न्यायलय के आदेश पर सेनियर अधिकारियों ने 1 जून को प्लांट का दौरा किया था और अपनी रिपोर्ट भी जमा किया था। कोर्ट ने बताया कि इस रिपोर्ट में प्लांट में कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए कंपनी द्वारा कई उपाय किये गये हैं और नियमों का पालन किया जा रहा है।

जजों ने कहा कि "अधिकारियों के निर्देश पर कंपनी ने प्लांट में जरुरी बदलाव कर दिए है, ऐसे लगाता है कि मैनजेमेंट अपने कर्मचारियों के लिए चिंतित है और सुरक्षा मानकों के प्लान में कोई कोताही नहीं बरती जायेगी।" साथ ही कोर्ट ने कहा कि संक्रमण के बढ़ते केसेस के बीच चिंतित होने के लिए कर्मचारियों को भी दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।

कोर्ट ने कहा कि सरकारी अधिकारियों जो सुरक्षा निर्देश दिए हैं, उत्पादन को जारी रखने के लिए उनका पालन करना होगा। साथ ही वह उम्मीद करते है कि जब 7 जून को कर्मचारियों के प्रतिनिधि व मैनजमेंट फिर से मिले तो समझौता हो जाए। आगे की सुनवाई 8 जून के लिए टाल दी गयी है।

निसान के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी कोर्ट के दिए निर्देशों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, यूनियन की मांग के अनुसार कंपनी ने एक प्रोडक्शन लाइन में जरुरी बदलाव कर दिया है और जल्द ही इसे दूसरे प्रोडक्शन लाइन में भी पूरा किया जाएगा। साथ ही अधिकारियों द्वारा दिए गये निर्देशों का भी पालन किया जा रहा है।

रेनॉल्ट-निसान के प्लांट में काम करने वाले 8000 कर्मचारी वाले कर्मचारी संघ का कहना था कि कोविड-19 से जिन कर्मचारियों की मृत्यु हुई है उनके परिवार को विस्थापित करने में मदद करने की मांग भी नहीं मानी गयी है। ऐसे में कर्मचारी संघ इस तरह का निर्णय ले रही है। अब देखना होगा कि कर्मचारी संघ क्या निर्णय लेती है।


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