हरियाणा सरकार ई-वाहन नीति को दे रही है अंतिम रुप, जल्द होगी घोषणा
हरियाणा सरकार बहुत जल्द राज्य की वाहन नीति की घोषणा कर सकती है। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने कहा है कि वह अगले महीने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2021 को अंतिम रूप देगी। यह घोषणा हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला ने उद्योग और वाणिज्य विभाग के राज्य अधिकारियों के साथ बैठक में की।

उन्होंने कहा कि राज्य का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत में सबसे अच्छी ईवी नीतियों में से एक को लाना है। ईवी नीति तैयार करने के लिए अधिकारियों के साथ पहले तीन दौर की चर्चा हो चुकी है।

चौटाला ने बताया कि हरियाणा की ईवी नीति का उद्देश्य राज्य में न केवल निवेश लाने के प्रयास में होगा, बल्कि राज्य में ईवी निर्माण सुविधाओं को स्थापित करने के उद्देश्य पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए नीति तैयार की जा रही है।

हरियाणा में देश की कुछ बड़े वाहन निर्माताओं के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स स्थापित हैं, जिसमें मारुति सुजुकी, होंडा मोटर और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियां शामिल हैं। मानेसर राज्य का सबसे बड़ा ऑटो मैन्युफैक्चरिंग केन्द्र है।

बात दे कि हरियाणा की ईवी नीति के तहत राज्य में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाली कंपनियों और ईवी निर्माताओं को छूट देने की भी नीति तैयार की जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार ने लोगों को इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों की खरीद पर सब्सिडी देने की भी योजना तैयार की है।

राज्य सरकार की योजना इस वर्ष के भीतर राज्य में अधिकतम इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति देने की है। बता दें कि आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश मेघालय, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य भी अपनी ईवी नीतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं और जल्द ही इसकी घोषणा भी कर सकते हैं।

इलेक्ट्रिक वाहन नीति का मुख्य लक्ष्य सब्सिडी और छूट के जरिये लोगों को पेट्रोल-डीजल वाहनों के बदले इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करना है। राज्य सरकारों की सब्सिडी केंद्र की फेम-2 (FAME-2) योजना से मिलने वाली रियायतों के अतरिक्त दी जाती हैं।

सब्सिडी का आकलन इलेक्ट्रिक वाहन के बैटरी की क्षमता के अनुसार किया जाता है। लोन के जरिये ई-वाहन खरीदने पर बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर फाइनेंस किया जाता है। वहीं ई-वाहन बनाने वाली कंपनियों को सरकारें टैक्स में छूट और कई अन्य तरह की रियायतें देकर प्रोत्साहित करती है।

ई-वाहनों पर नहीं देना होगा रजिस्ट्रेशन चार्ज
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की अपनी नीति के तहत भारत सरकार ने अब देश में रजिस्टर होने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण (रिन्यूअल) शुल्क से मुक्त कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहक रजिस्ट्रेशन शुल्क की बचत कर सकते हैं।


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