Road Accident Fatalities Falls: गुरुग्राम में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या हुई कम
गुरुग्राम में 2019 की तुलना में 2020 में सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाले घातक घटनाओं में 26 प्रतिशत की कमी आई है। गुरुग्राम पुलिस द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2020 में शहर में सड़क दुर्घटनाओं में 320 लोगों की मौतें हुई हैं, जबकि 2019 में 433 लोग मारे गए थे।

2020 में सड़क दुर्घटनाओं में कम मौतों का कारण कोविड-19 महामारी के चलते लगाया गया लॉकडाउन है। 2020 में गुरुग्राम में 16 लोगों की जान गई है, जिसमें मार्च में 4 मौतें और 2020 के पिछले नौ महीनों के दौरान मई में 12 मौतें शामिल हैं।

2020 में सड़क दुर्घटनाओं के कुल 704 मामले सामने आए, जिनमें से 297 लोग घायल हुए, जबकि 2019 में 1,205 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 807 लोग घायल हुए।

वार्षिक आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पांच साल पहले दुर्घटनाओं में मरने वालों का आंकड़ा 400 से नीचे था। 2018 में गुरुग्राम में 446 मौतें हुईं। 2017 में, जान गवाने वालों की संख्या 415 थी, 2016 में लगभग 435 मौत के मामले सामने आए थे। 2015 में जिले के कई हिस्सों में कम से कम 400 लोगों ने अपनी जान गंवाई।

गुरुग्राम के ट्रैफिक पुलिस आयुक्त डीके भारद्वाज ने कहा कि पिछले साल के शुरुआत में लॉकडाउन के वजह से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है जो काफी राहत देने वाली बात है। इसके पीछे पुलिस की जागरूकता और लोगों द्वारा ट्रैफिक नियम का पालन करना भी मुख्य कारण है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में साल 2019 में कुल 4,49,002 सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आए हैं जिनमे 3,19,028 (71 प्रतिशत) सड़क दुर्घटनाएं तेज गति में वाहन चलाने से हुए हैं। यही नहीं, देश में हर साल करीब 1.5 लाख लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है जो दुनिया भर में सबसे अधिक है।

भारत में प्रत्येक वर्ष 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जाती है। इनमे 1.5 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं जबकि 3 लाख से अधिक लोग गंभीर चोट के कारण अपाहिज हो जाते हैं।

जून की एक रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन के दौरान सड़कों पर गाड़ियों के नहीं चलने से सड़क हादसों में भारी कमी आई है। 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। देश में 24 मार्च से 31 मई के बीच 8,976 मौतें कम हुई हैं, इसके अलावा 25,000 सड़क दुर्घटनाएं कम हुई हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लॉकडाउन के कारण 26,000 लोग सड़क हादसों में घायल होने से बचे हैं। यह सभी आंकड़े 2019 में हुए सड़क दुर्घटनाओं की तुलना में जुटाए गए हैं।

परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 2018 में देश में कुल 4.67 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमे 1.51 लाख लोगों की मौत हुई थी। दुनिया भर में लॉकडाउन के वजह से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। भारत में 2020 के पहले तिमाही (जनवरी-मार्च) में पिछले साल के मुकाबले 3,089 मौतें कम हुई हैं।


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