Gurugram Traffic Police To Use Drones: गुरुग्राम पुलिस ड्रोन के जरिए करेगी ट्रैफिक की निगरानी
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस शहर के ट्रैफिक पर नजर रखने अब जल्द ही ड्रोन का इस्तेमाल शुरू करने वाली है। शहर में ट्रैफिक कानूनों के उल्लंघन के बढ़ते मामलों से निबटने के लिए पुलिस ड्रोन की सहायता से नियम उल्लंधन करने वालों पर नजर रखेगी। गुरुग्राम डीसीपी ने बताया है कि ड्रोन का इस्तेमाल शहर के ट्रैफिक पर नजर रखने के साथ नियम तोड़ने वालों को पकड़ने में भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीसीटीवी कैमरों की मदद से शहर की निगरानी की जा रही है। हालांकि, अधिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से अब ट्रैफिक पुलिस ड्रोन का भी इस्तेमाल शुरू करने वाली है जिससे गुरुग्राम के चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी।

हाल ही में गुरुग्राम पुलिस ने गलत साइड में गाड़ी चलाने करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की थी। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस की सूचना के अनुसार, गुरुग्राम में 2019 में 49,671 लोगों पर गलत साइड में ड्राइविंग करने के आरोप में जुर्माना लगाया गया था, जबकि 2020 में 39,765 वाहन चालकों पर गलत साइड में ड्राइविंग के लिए चालान किया गया था।

गुरुग्राम पुलिस ने वाहन पर जातिसूचक स्टीकर या नाम लिखवाने वालों पर भी कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार गुरुग्राम में हर 20 वाहन में एक वाहन पर जातिसूचक शब्द या स्टीकर लगा होता है। मोटर वाहन कानून के अनुसार, वाहन पर जातिसूचक शब्द लिखवाना समाज में जातिगत भेद-भाव को बढ़ावा देता है। ऐसे जातिगत प्रदर्शन से समाज में सामाजिक ताने-बाने को खतरा है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार देश में मृत्यु, विकलांगता और अस्पताल में भर्ती होने का मुख्य कारण सड़क दुर्घटनाएं हैं। दुनिया के 199 देशों में सड़क दुर्घटना होने वाली मौतों की संख्या में भारत पहले स्थान पर है। दुनिया में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत भारतीय शामिल हैं।

परिवहन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में भारत में कुल 4,49,002 दुर्घटनाएं हुईं जिसमे 1,51,113 मौतें हुईं और 4,51,361 लोग घायल हुए। मंत्रालय ने चिंता जताई है कि सितंबर 2019 से नए मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने के बाद भी स्थिति में मामूली सुधार ही आया है।

हालांकि, भारतीय सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए मंत्रालय द्वारा नई योजनाएं बनाई जा रही है और उन्हें सख्ती से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है जिससे खराब सड़क निर्माण के लिए संबंधित एजेंसी को दंडित किया जा सकेगा।

देश में खराब सड़कें भी सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हैं। सड़क सुरक्षा के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए परिवहन मंत्रालय सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 2025 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक कमी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।


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