Wrong Side Driving: गलत साइड में ड्राइविंग करने पर गुरुग्राम पुलिस रद्द करेगी लाइसेंस
भारत में गलत साइड में ड्राइव करना एक बड़ी समस्या है। लोग यू-टर्न खोजने से बचने के लिए गलत साइड में गाड़ी ले जाते हैं जिससे आये दिन सड़क जाम और हादसों के कई मामले सामने आते हैं। हालांकि, गुरुग्राम पुलिस ने अब गलत साइड में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। गुरुग्राम पुलिस अब गलत साइड में ड्राइविंग करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस स्थाई रूप से रद्द कर सकती है।

गुरुग्राम पुलिस आयुक्त ने एक नोटिस जारी कर पुलिस कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ट्रैफिक पुलिस को ऐसे ड्राइवरों पर चालान करने के साथ ही उनके लाइसेंस को निलंबित करने का भी निर्देश दिया गया है। यदि गलती दोहराई जाती है, तो यह लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द किया जाएगा जिसके बाद दोबारा उस व्यक्ति लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस की सूचना के अनुसार, गुरुग्राम में 2019 में 49,671 लोगों पर गलत साइड में ड्राइविंग करने के आरोप में जुर्माना लगाया गया था, जबकि 2020 में 39,765 वाहन चालकों पर गलत साइड में ड्राइविंग के लिए चालान किया गया था।

पुलिस ने फैसला किया है कि अगर कोई भी दुर्घटना गलत साइड ड्राइविंग के कारण होती है, तो आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (2) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिसमे न्यूनतम 10 साल की सजा हो सकती है।

पुलिस ने बताया कि सड़कों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिये नजर रखी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सड़कों पर नियम का पालन कर अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालने से बचाया जा सकता है। पुलिस सख्ती इसलिए बरत रही है ताकि सड़कों पर वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार देश मृत्यु, विकलांगता और अस्पताल में भर्ती होने का मुख्य कारण सड़क दुर्घटनाएं हैं। दुनिया के 199 देशों में सड़क दुर्घटना होने वाली मौतों की संख्या में भारत पहले स्थान पर है। दुनिया में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत भारतीय शामिल हैं।

सड़क दुर्घटना रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में भारत में कुल 4,49,002 दुर्घटनाएं हुईं जिसमे 1,51,113 मौतें हुईं और 4,51,361 लोग घायल हुए। मंत्रालय ने चिंता जताई है कि सितंबर 2019 से नए मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने के बाद भी स्थिति में मामूली सुधार ही आया है।

हालांकि, भारतीय सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए मंत्रालय द्वारा नई योजनाएं बनाई जा रही है और उन्हें सख्ती से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है जिससे खराब सड़क निर्माण के लिए संबंधित एजेंसी को दंडित किया जा सकेगा।

देश में खराब सड़कें भी सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हैं। सड़क सुरक्षा के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए परिवहन मंत्रालय द्वारा 18 जनवरी से 17 फरवरी तक, एक महीने के लिए सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 2025 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक कमी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।


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