Cast Identity Stickers In Vehicles: गुरुग्राम पुलिस जातिसूचक स्टीकर लगे वाहनों पर होगी सख्त
यूपी पुलिस के बाद अब गुरुग्राम पुलिस गाड़ियों अपनी जाति का नाम लिखवाकर घूम रहे लोगों को पकड़ने वाली है। हाल ही में गुरुग्राम के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (पूर्वी गुरुग्राम) ने एक नोटिस जारी किया है जिसमे वाहनों पर जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई करने की बात कही गई है। सूचना में बताया गया है कि कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई के लिए सूचित किया जा रहा है।

सूचना में गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों को ऐसे वाहनों की जांच का कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। सूचना में उन लोगों से सख्ती से पेश आने को कहा गया है जिन्होंने गाड़ी के नंबर प्लेट पर अपनी जाति का नाम लिखवा रखा है। पुलिस के अनुसार गुरुग्राम में हर 20 वाहन में एक वाहन पर जातिसूचक शब्द या स्टीकर लगा होता है।

ऐसे स्टीकर कार और बाइक में अक्सर देखे जाते हैं। पुलिस के अनुसार ऐसे लोग अपनी जाति का प्रदर्शन कर रौब दिखाने की कोशिश करते हैं। बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन में कहीं भी जातिसूचक शब्द लिखवाना गैरकानूनी है। अधिनियम के अनुसार, वाहन पर जातिसूचक शब्द लिखवाना समाज में जातिगत भेद-भाव को बढ़ावा देता है। ऐसे जातिगत प्रदर्शन से समाज में सामाजिक ताने-बाने को खतरा है।

मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार वाहन के नंबर प्लेट पर केवल रजिस्ट्रेशन नंबर लिखवाया जा सकता है। इसके अलावा वाहन के विंडस्क्रीन पर किसी भी तरह का पोस्टर या स्टीकर लगाना भी वर्जित है। कुछ महीनों पहले महाराष्ट्र के शिक्षक की शिकायत पर यूपी पुलिस ने वाहनों पर जातिसूचक स्टीकर हटवाने शुरू किया था जिसमे सैकड़ों वाहन पकड़े गए थे।

एक ऐसे ही मामले में झारखण्ड हाईकोर्ट ने गाड़ियों के नंबर प्लेट पर लगे नाम के स्टीकर पर आपत्ति व्यक्त की थी और पुलिस को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। वाहन के नंबर प्लेट पर नाम का इस्तेमाल केवल संवैधानिक पदों पर बैठे कर्मचारी अपने आधिकारिक वाहन पर कर सकते हैं। इसके अलावा अन्य अधिकारियों के वाहन में या प्राइवेट वाहन में नाम लिखवाने की अनुमति नहीं है।

कोर्ट ने बताया कि हाईकोर्ट जजों को भी अपने प्राइवेट वाहन में नाम लिखवाने की अनुमति नहीं है। कोर्ट ने निचली अदालतों में काम करने वाले अधिकारियों को अपने प्राइवेट वाहनों से नाम हटवाने का भी आदेश दिया।

बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार वाहन के नंबर प्लेट या कहीं और नाम लिखवाना गैरकानूनी है। मोटर वाहन कानून में केवल संवैधानिक पदों पर नियुक्त अधिकारियों को आधिकारिक वाहन के नंबर प्लेट पर नाम लिखवाने की अनुमति दी गई है।

अभी हाल ही में दिल्ली में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली में वाहन चालकों से अपील की जा रही है जल्द से जल्द अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाएं। सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल 2019 से बिकने वाले वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया है।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट दिखने में एक साधारण नंबर प्लेट से के जैसा ही होता है लेकिन इसकी तकनीकी विशेषताएं इसे अलग बनाती हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में क्रोमियम होलोग्राम स्टीकर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमे वाहन से संबंधित जानकारी जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि अंकित होती है।


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