General Motors Lays Off Employees: जनरल मोटर्स ने तालेगांव प्लांट से 1419 कमर्चारियों को निकाला
जनरल मोटर्स अभी भी तालेगांव प्लांट का संचालन करती थी लेकिन दिसंबर में इसे बंद किये जाने की खबर आई थी। अब खबर है कि जनरल मोटर्स इंडिया ने तालेंगांव प्लांट में काम करने वाले 1419 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है और सभी को ई-मेल के जरिये जानकारी दे दी गयी है।

इसके साथ ही इस निर्णय की एक कॉपी जनरल मोटर्स कमर्चारी संघ के सचिव व अध्यक्ष को भी भेज दी गयी है। हालांकि जनरल मोटर्स कमर्चारी संघ इस निर्णय को कानूनी रूप से चुनौती देने वाले हैं। कंपनी ने इस निर्णय के लिये कोविड19 को जिम्मेदार ठहराया है।

कंपनी ने कहा कि कोविड19 एक प्राकृतिक आपदा है और आईडी एक्ट के सेक्शन 25-एम के तहत इस तरह के निर्णय लेने से पहले किसी भी तरह की अग्रिम जानकारी देने की जरूरत नहीं है। इसके बारें में पुणे के कर्मचारी संघ के अतिरिक्त कमिश्नर को इसकी जानकारी दे दी गयी है।

इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट 1947 के तहत कर्मचारियों को इसका मुआवजा दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि वह कर्मचारियों को मुआवजा देने वाली है, जो कि बेसिक वेज का 50 प्रतिशत व पिछले महीनों में दिए जाने वाला डियरेन्स अलाउंस शामिल है।

जनरल मोटर्स का कहना है कि पिछले चार महीनों से उत्पादन नहीं किये जाने के बाद भी वह अपने कर्मचारियों को सैलरी दे रहे हैं। कंपनी दिसंबर 2020 हर महीने करीब 10 करोड़ रुपये कर्मचारियों को पगार देने में खर्च कर रही है।

कंपनी का दावा है कि वैधानिक जरूरत के समय के लिए उन्होंने कमर्चारियों को अतिरिक्त सेपरेशन पैकेज भी उपलब्ध कराया है। कंपनी ने तालेगांव प्लांट में उत्पादन 24 दिसंबर 2020 को बंद कर दिया है।

कंपनी का कहना है उन्होंने कर्मचारियों को एक साल पहले का नोटिस दे रखा है। साल 2020 की शुरुआत में चीनी एसयूवी निर्माता ग्रेट वॉल मोटर्स ने जनरल मोटर्स के प्लांट को लेने के अपने इरादे की घोषणा की थी। हालांकि कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण योजनाएं स्थगित कर दी गईं।

भारत और चीन के बीच एक लंबे समय से गतिरोध चल रहा है, जिसके चलते जीडब्ल्यूएम को अपनी योजनाओं को बंद करना पड़ा है। जिसके परिणामस्वरूप जनरल मोटर्स के प्लांट को छोड़ दिया गया है।
Source: ET Auto


Click it and Unblock the Notifications








