Ford To Bring Two Electric SUVs: फोर्ड अगले साल लाॅन्च करेगी दो इलेक्ट्रिक एसयूवी, टेस्ला को देगी टक्कर
अमेरिकी कार निर्माता फोर्ड मोटर्स अगले साल दो नए इलेक्ट्रिक एसयूवी को लॉन्च करने की योजना तैयार कर रही है। कंपनी की दो नई इलेक्ट्रिक एसयूवी टेस्ला की कारों को टक्कर देगी। कंपनी अपनी इन दोनों एसयूवी का उत्पादन 2022 में शुरू करेगी और अगले साल से डिलीवरी शुरू की जाएगी। एक रिपोर्ट में कंपनी ने बताया है कि आने वाली दो एसयूवी में एक फोर्ड ब्रांड की होगी जबकि दूसरी लिंकन ब्रांड के अंदर लायी जाएगी।

दोनों कारों को फोर्ड के मेक्सिको प्लांट में तैयार किया जाएगा जहाँ कंपनी पहले से ही फोर्ड माक-ई का निर्माण कर रही है। फोर्ड का कहना है कि इन दोनों कारों से इलेक्ट्रिक कारों की सन्दर्भ में कंपनी की छवि मजबूत होगी। बता दें कि फोर्ड की आने वाले इलेक्ट्रिक कारों का मुकाबले टेस्ला से होने वाला है। टेस्ला अमेरिका में इलेक्ट्रिक कारों की प्रमुख निर्माता है।

फोर्ड ने फरवरी 2021 में मस्टैंग माक-ई के 3,739 यूनिट की बिक्री की है। कंपनी ने इस साल के अंत तक 50,000 यूनिट बेचने का लक्ष्य रखा है। बता दें कि फोर्ड ने भारत में महिंद्रा से चल रहे जॉइंट वेंचर को समाप्त कर दिया है। कंपनी ने जॉइंट वेंचर के तहत दो आगामी परियोजनाओं बीएक्स 44 और बीएक्स 772 पर काम बंद कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक फोर्ड इंडिया अपने आने वाले मॉडलों में खुद से विकसित किये गए इंजन का ही इस्तेमाल करेगी। महिंद्रा के इंजन से शिफ्ट होने का मतलब होगा कि फोर्ड इंडिया के आगामी प्रोजेक्ट्स 6 महीने की देरी से पूरे होंगे। कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट में महिंद्रा के किसी भी प्रोडक्ट पर निर्भरता समाप्त कर दी है।

2017 में महिंद्रा और फोर्ड ने एक तकनीकी साझेदारी में प्रवेश किया था, जो उत्पादों, इंजनों, कनेक्टिविटी प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक वाहन और साझा सेवाओं को लेकर थी। समय के साथ इन पांच में से दो प्रोजेक्ट में दो को समाप्त कर दिया गया। जबकि जॉइंट वेंचर समझौते के समाप्त होने पर अन्य प्रोजेक्ट भी बंद कर दिए गए हैं।

बता दें कि कंपनियों की साझेदारी में अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ भारत के लिए भी कारों को तैयार किया जाना था। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोविड-19 महामारी के बाद आर्थिक और व्यावसायिक स्थितियों में बदलाव के कारण इस ज्वाइंट वेंचर को बंद करने का फैसला लिया गया।

हाल ही में फोर्ड ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माता एचपी से साझेदै की है, जिसके तहत फोर्ड 3डी प्रिंटिंग से निकले कचरे और बचे हुए कच्चे माल का इस्तेमाल कर कारों के लिए उपकरण और पुर्जे बनाएगी। कारों के लिए यह उपकरण 3डी प्रिंटिंग तकनीक के जरिए ही बनाए जाएंगे।

फोर्ड का कहना है कि इंजेक्शन मोल्डिंग तकनीक से बनाए गए ऑटो कंपोनेंट्स पर्यावरण के लिए अनुकूल होते हैं। इसके साथ ही यह साधारण कंपोनेंट्स के मुकाबले 7 प्रतिशत हल्के और 10 प्रतिशत कम सस्ते होते हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि इनमें गुणवत्ता और मजबूती से कोई समझौता नहीं किया जाता है।

फोर्ड ने एक बयान में कहा है कि कंपनी पर्यावरण का ख्याल रखते हुए ऑटोमोबाइल निर्माण में प्रकृति के अनुकूल तकनीक को बढ़ावा दे रही है। वाहनों के लिए 3डी प्रिंटेड उपकरण सस्ते और टिकाऊ होते हैं, साथ ही इन्हे तैयार करने में वातावरण को भी नुकसान नहीं होता है।


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