Ford ने चेन्नई स्थित प्लांट किया बंद, कर्मचारियों ने कोरोना के चलते की थी मांग
देश में कोरोना का दूसरा लहर अभी भी जारी है और दक्षिण के राज्य खासकर तमिल नाडु इससे अभी भी बहुत प्रभावित है। ऐसे में कई वाहन कंपनियों को वाहन उत्पादन बंद करना पड़ रहा है। हाल ही में ऐसे ही कंपनियों की लिस्ट में फोर्ड शामिल हो गयी है, कंपनी ने घिश्ना की है कि वह उत्पादन 28 व 29 मई तक बंद रखने वाली है।

ऐसा इस महीने दूसरी बार हो रहा है कि कंपनी को अपना प्लांट बंद रखना पड़ रहा है। फोर्ड ने इस महीने पहले ही अपने प्लांट को 8 दिन के लिए बंद रखा था और 24 मई को फिर से उत्पादन शुरू किया था। हालांकि उसके बाद से कर्मचारियों में कोरोना के बढ़ते केस के चलते प्रोडक्शन बंद करने की मांग उठ रही थी।

बतातें चले कि तमिल नाडु में स्थित सभी बड़े वाहन निर्माता कंपनी जैसे हुंडई, रेनॉल्ट-निसान आदि प्लांट फिर से बंद कर चुके हैं, इन कंपनियों के प्लांट्स मेंब ही कर्मचारी यूनियन द्वारा प्रोडक्शन को बंद करहने की मांग उठी थी, उसके बाद यह निर्णय लिया गया है। अब ऐसे ही मांग के बाद फोर्ड ने प्रोडक्शन रोकने का निर्णय लिया है।

कल 27 मई को जानकारी आई थी कि वर्किंग ऑवर की दूसरी पाली में काम बंद कर हड़ताल किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्मचारियों की मांग है कि कंपनी उन्हें सवैतनिक अवकाश और स्वास्थ्य लाभ की गारंटी दे। बता दें कि फोर्ड कर्मचारी यूनियन ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर प्रबंधन को एक पत्र भेजा था।

श्रमिक संघ के अनुसार प्लांट में अब तक 230 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। संघ के पत्र में कथित तौर पर कहा गया है कि फोर्ड को उन श्रमिकों के सभी चिकित्सा खर्चों का भुगतान करना चाहिए जो कोरोना वायरस से प्रभावित हुए हैं। संघ ने तमिलनाडु में सोमवार तक चलने वाले पूर्ण तालाबंदी के दौरान संयंत्र को बंद करने का भी आह्वान किया।

साथ ही, श्रमिक संघ ने कोविड -19 के कारण मरने वाले दो श्रमिकों में से प्रत्येक के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। हालांकि फोर्ड की तरफ से इन सभी चीजों के बारें में निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन अभी उत्पादन को शुक्रवार व शनिवार को बंद रखने का निर्णय लिया है।

फोर्ड भारत में तमिलनाडु और गुजरात में संयंत्र का संचालन करती है। अभी तक कंपनी ने गुजरात संयंत्र के बारें में कोई निर्णय नहीं लिया है। इस महामारी के दौरान कंपनी ने इससे लड़ने के लिए भारत सरकार को 1.48 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। इसके साथ ही कंपनी अस्पतालों में मास्क और पीपीई किट भी प्रदान कर रही है।

भारत अलावा कंपनी ने ब्राजील सरकार को भी कोरोना महामारी से लड़ने में सहायता कर रही है। कंपनी ने एक ट्वीट में बताया है कि भारत और ब्राजील में कोरोना महामारी से लड़ने के लिए व्यापक बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए कंपनी 50 लाख सर्जिकल मास्क और 1 लाख एन95 मास्क भी बाँट रही है।


Click it and Unblock the Notifications








