Ford Mustang Removed From Website: फोर्ड मस्टैंग को कंपनी के भारतीय वेबसाइट से हटाया गया, जानें क्या है कारण
फोर्ड मस्टैंग कंपनी की एक स्पोर्ट्स एसयूवी है, जिसकी बिक्री कंपनी भारत सहित दुनिया भर में करती है। फोर्ड मस्टैंग को अब कंपनी के वेबसाईट से हटा दिया गया है, कहा जा रहा है कि इस एसयूवी के फेसलिफ्ट मॉडल को 2021 में लॉन्च किया जा सकता है।

फोर्ड मस्टैंग के फेसलिफ्ट मॉडल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2018 में ही पेश किया जा चुका है। यह भारत में एक लोकप्रिय व देश की सबसे अधिक बिकने वाली में एक स्पोर्ट्स कार है। अब कंपनी इसे एक नए अवतार में भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी में लग गयी है ताकि इस कार के प्रशंसकों को निराशा ना हो।

फोर्ड मस्टैंग जीटी को भारतीय बाजार में 2016 में उतारा गया था, तब इस कार को 56 लाख रुपये की कीमत पर लाया गया था। सबसे पहले इसे ऑटो एक्सपो में पेश किया गया था, उसके बाद भारत में लॉन्च किया गया था और अब तक इसे ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

फोर्ड मस्टैंग में 5.0-लीटर वी8 इंजन लगाया गया है जो 395.5 बीएचपी का पॉवर व 515 न्यूटन मीटर का टॉर्क प्रदान करता है, इसे अंतरराष्ट्रीय वर्जन के मुकाबले थोड़ा डीट्यून किया गया था। इसमें 6 स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स लगाया गया था, जो कि पैडल शिफ्टर के साथ आता था।

फोर्ड मस्टैंग में रियर डिफ्यूजर, 8 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, ब्लाइंड स्पॉट इंफॉर्मेशन सिस्टम, डुअल जोन एचएवीसी सिस्टम, रेन सेंसिंग वाइपर, डुअल फ्रंट एयरबैग व चार ड्राइविंग मोड नॉर्मल, स्पोर्ट प्लस, ट्रैक और स्नो/वेट के साथ लाया गया था।

बात करें इसे फेसलिफ्ट मॉडल की तो इसमें एक नया बोनट, नए डिजाईन वाले ग्रिल, हेडलैंप, नए बदलावों के साथ फ्रंट व रियर बम्पर, एक 12 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, एलईडी लाइट्स व एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल आदि जैसे फीचर्स दिए जा सकते हैं।

वहीं भारत में फोर्ड मस्टैंग फेसलिफ्ट में 5.0 लीटर, वी8 इंजन दिया जा सकता है जो कि 453 बीएचपी का पॉवर व 569 न्यूटन मीटर का टार्क प्रदान करता है। इसमें 10 स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स का विकल्प दिया जा सकता है। अब बाकी जानकारी इसके लॉन्च के साथ ही मिल पाएगी।

पिछले साल ही अप्रैल में इस कार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में फोर्ड मस्टैंग ने अपने 56 साल पूरे किये हैं। फोर्ड मस्टैंग के सेल्स के आंकड़े को देखें तो, 2019 में इस कार के 1,02,090 यूनिट को बेचा गया था। पूरे यूरोप की बात करें तो बिक्री में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी और इसके साथ ही यह कार दुनिया में सबसे अधिक बिकने वाली स्पोर्ट्स कार बन चुकी है।


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