Ford India के देश छोड़कर जाने से डीलरों का होगा अब तक का सबसे बड़ा नुकसान: FADA, जानें कितना
अमेरिकन कार निर्माता कंपनी Ford India ने भारत में अपने ऑपरेशन को खत्म करने का ऐलान कर दिया है और अब कंपनी भारत में अपने व्यापार को बंद करने जा रही है। ऐसे में कई Ford डीलरों ने मुआवजे में पारदर्शिता की कमी और भविष्य के संचालन को लेकर चिंता जताते हुए, FADA यानी Federation of Automobile Dealers Associations ने इस मामले को भारी उद्योग मंत्रालय के सामने रखा है।

वे एक उद्योग-व्यापी घटना पर लागू होते हैं जो डीलरों के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां पैदा कर रहा है।ऑटो कंपनियों का अचानक से भारतीय बाजार से बाहर निकलने के परिणामस्वरूप सैकड़ों करोड़ का निवेश घाटा हो रहा है। इतना ही नहीं हजारों लोगों की नौकरियां भी जा रही है।

इतना ही नहीं इसका ग्राहकों पर भी गहरा असर पड़ा है, क्योंकि उन्हें अपनी कार के लिए सर्विस और स्पेयर पार्ट्स के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। इसके साथ ही Ford की कारों की रीसेल वैल्यू पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस बात को समझाने के लिए FADA ने 2017 से डीलरों द्वारा किए गए कुल नुकसान की जानकारी दी है।

FADA ने इस डाटा में Man Trucks, UM & Lohia, General Motors, Harley-Davidson और Ford India को शामिल किया है, जो कि भारतीय बाजार को छोड़ चुकी हैं। सबसे ज्यादा निवेश नुकसान Ford डीलरों का हुआ है, जोकि करीब 2,000 करोड़ रुपये का है।

| S. No. | OEM | No. Of Dealers | Employment Loss | Dealer Investment (Rs Crore) |
| 1 | Ford India | 170 | 40,000 | 2000 |
| 2 | General Motors | 142 | 15,000 | 65 |
| 3 | Harley-Davidson | 34 | 2,000 | 70 |
| 4 | Man Trucks | 38 | 4,500 | 200 |
| 5 | UM & Lohia | 80 | 2,500 | 150 |
| Total | 464 | 64,000 | 2,485 |

फोर्ड के बाहर निकलने से करीब 40,000 नौकरियां भी प्रभावित हुई हैं। वहीं उपरोक्त सभी कंपनियों के भारत से जाने से करीब 64,000 नौकरियां प्रभावित हुई हैं। FADA ने बताया है कि अधिकांश डीलरशिप में परिवार के स्वामित्व वाले छोटे से लेकर मध्यम आकार के व्यवसाय और पार्टनरशिप फर्म शामिल हैं।

कई डीलर अपनी पूरी बचत का निवेश करके ऑटो व्यापार व्यवसाय में प्रवेश करते हैं। यहां तक कि जब वे लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं, तो मौजूदा उद्योग मानदंड डीलरशिप समझौतों को सालाना आधार पर कार्यात्मक होने के लिए निर्देशित करते हैं।

FADA का कहना है कि अगर कोई OEM अचानक ही बाजार छोड़ कर बाहर निकलता है, तो डीलरों को बहुत सारी बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। Ford India के मामले में, FADA ने नॉन-डिस्कोजर एग्रीमेंट (NDA) में संभावित खामियों की ओर इशारा किया है, जिस पर डीलरों को हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया है।

FADA के अनुसार, NDA डीलरों द्वारा किए गए विभिन्न प्रकार के नुकसान और उनके संबंधित मुआवजे की राशि पर सटीक विवरण प्रदान नहीं करता है। निष्क्रिय प्रतिष्ठान और बुनियादी ढांचे, कर्मचारियों की छंटनी, रखरखाव, व्यवसाय के अवसर की हानि, बिक्री से सेवा और पार्ट्स के व्यवसाय में ट्रांजिशन, गुडविल और रेप्यूटेशन पर प्रतिकूल प्रभाव और एक नया उद्यम शुरू करने की लागत जैसे विभिन्न नुकसानों के बारे में चिंता व्यक्त की गई है।


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