Ford का भारत में कैसा रहा सफ़र, एस्कॉर्ट से लेकर ईकोस्पोर्ट तक, जानें
Ford ने हाल ही में भारत में उत्पादन बंद करने की घोषणा की है, कंपनी गुजरात व तमिल नाडु स्थित अपने फैक्ट्रियों को बंद करने वाली है। ऐसे में कई लोकप्रिय मॉडल भी बंद कर दिए जायेंगे, हालांकि मौजूदा ग्राहकों को कंपनी सपोर्ट करने वाली है। ऐसे में हम आपके लिए Ford मोटर कंपनी का भारत में सफर कैसा रहा, इसकी जानकारी लेकर आये हैं।

Ford अपने मौजूदा इन्वेंटरी को खत्म करने के बाद कारों की बिक्री बंद करने वाली है, हालांकि इसको लेकर कंपनी के डीलरशिप मालिकों में रोष भी देखा जा रहा है। हालांकि कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों के लिए आफ्टर सेल्स सर्विस, आफ्टर मार्केट पार्ट्स व वारंटी उपलब्ध कराने वाली है ताकि ग्राहकों को निराशा ना हो।

कंपनी पूरी तरह से भारतीय बाजार को छोड़कर नहीं जा रही है। Ford सीबीयू (कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट) तरीके से वाहन लाने वाली है इसमें कंपनी की महंगी कारें शामिल है। भारत छोड़ने की घोषणा के साथ ही कंपनी ने Ford Mustang Mach-E को भारतीय बाजार में लॉन्च करने की पुष्टि भी कर दी है।

फोर्ड मोटर कंपनी भारत में 1920 के दशक में आई थी, यह कनाडा स्थित Ford Motor Company के उपक्रम के रूप में आई थी लेकिन 1950 के दशक आते आते तक कंपनी ने भारतीय उपमहाद्वीप को छोड़ दिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती है, कंपनी ने 1995 में भारतीय बाजार में फिर से दस्तक दी।

इस बार फोर्ड, भारतीय वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ साझेदारी करके प्रवेश किया था। दोनों कंपनी ने मिलकर महिंद्रा फोर्ड इंडिया लिमिटेड की स्थापना की और अपनी पहली वाहन फोर्ड ईकोस्पोर्ट को 1996 में उतारा। ईकोस्पोर्ट एक यूरोपियन उत्पाद थी जिसे भारतीय ग्राहकों के लिए लाया गया था।

इसके बाद फोर्ड ने भारतीय ग्राहकों के लिए पहली उत्पाद आईकॉन सेडान को लाया था। फोर्ड इसके बाद 1998 में फोर्ड मोटर इंडिया लिमिटेड बन गयी और उसके एक साल बाद ही फोर्ड आईकॉन को लाया गया था। 2011 आते आते कंपनी की यह मॉडल भी बंद हो गयी, यह फिएस्टा पर आधारित थी।

इसके बाद कंपनी ने भारत में और कई मॉडल्स को उतारा। कंपनी की लोकप्रिय फिगो हैचबैक को 2010 में लाया गया था और अब तक इसके कई फेसलिफ्ट लाये जा चुके है और इसके दूसरे जनरेशन मॉडल को पांच साल पहले लाया गया था। कंपनी की लोकप्रिय ईकोस्पोर्ट कॉम्पैक्ट एसयूवी को पहली बार 2013 में लाया गया था।

अब कंपनी इसके फेसलिफ्ट को भी लाने की तैयारी में भी है, जिसे कई बार टेस्ट करते देखा जा चुका है। अब देखना होगा कि फोर्ड द्वारा उत्पादन किये जाने के बाद इस मॉडल का भविष्य क्या होगा। इसी तरह एक और एसयूवी जो भारत में लोकप्रिय है वह फोर्ड एंडेवर है, इस एसयूवी ने बाजार में अपना एक अलग नाम बनाया।

फोर्ड ने एस्पायर के साथ कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट में भी हाथ आजमाया, इसे आईकॉन की जगह पर लाया गया था। फिगो एस्पायर को 2015 में लाया गया था लेकिन यह अपने प्रतिस्पर्धियों को कड़ी टक्कर नहीं दे पायी। कंपनी की भारत में लॉन्च की गयी आखिरी मॉडल फ्रीस्टाइल थी।

फोर्ड वर्तमान में भारतीय बाजार में एंडेवर, ईकोस्पोर्ट, फिगो, फिगो एस्पायर व फ्रीस्टाइल जैसे मॉडल्स की बिक्री करती है। अब तक फोर्ड 7 मॉडल को बंद कर चुकी है, जिसमें 2015 में लायी गयी मस्टैंग भी शामिल है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
फोर्ड भारतीय बाजार में लंबे समय तक रही लेकिन अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर सकी, कंपनी को लगातार नुकसान झेलना पड़ा। हालांकि फोर्ड, स्कोडा व रेनॉल्ट जैसे कंपनी से प्रेरणा लेकर सही प्रोडक्ट उतार सकती थी लेकिन अब ऐसा नहीं हो सका और कंपनी बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी कर चुकी है।


Click it and Unblock the Notifications








