Ford भारत को कह रही अलविदा, लेकिन क्या होगा 1,000 डीलर और 40,000 कर्मचारियों का?
अमेरिकन कार निर्माता कंपनी Ford Motor का भारतीय बाजार में एक लंबा इतिहास रहा है। लेकिन अब कंपनी भारत में अपने उत्पादन ऑपरेशन को बंद करने की घोषणा कर चुकी है। आपको बता दें कि Ford Motor भारत में 90 के दशक में परिचालन शुरू करने वाली पहली वैश्विक ऑटोमोटिव कंपनियों में से एक थी।

लेकिन अब बढ़ते घाटे और औसत से कम बिक्री के कारण, Ford India ने भारत में अपने परिचालन को बंद करने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार बीते 10 सालों में Ford India को भारत में 2 बिलियन डॉलर तक का घाटा हो चुका है। कंपनी साल 2022 की दूसरी तिमाही तक भारत से निर्यात का उत्पादन भी बंद कर देगी।

क्या होगा Ford India के डीलरशिप्स का
कंपनी ने अपने घाटे के चलते भारत में परिचालन बंद करने का फैसला तो कर लिया है, लेकिन यहां पर सवाल यह उठता है कि भारत में Ford India के डीलरशिप्स, कर्मचारियों, यूनियनों, आपूर्तिकर्ताओं और अन्य हितधारकों का क्या होगा। हालांकि फोर्ड ने आश्वासन दिया है कि उसके भारत से बाहर निकलने के प्रभाव को कम करने के लिए वह मिलकर काम करेगी।

इसके बाद भी फ़ेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने इन हालिया घटनाओं के बारे में चिंता व्यक्त की है। FADA के अध्यक्ष, Vinkesh Gulati ने कहा कि "उन्होंने Ford India के अध्यक्ष और एमडी, Anurag Mehrotra के साथ चर्चा की है।"

उन्होंने बताया कि Ford Motor ने वादा किया है कि जो डीलर ग्राहकों को वाहन सेवा देना जारी रखेंगे, उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा। वैसे तो FADA ने अपने डीलरों के लिए Ford की इस योजना की सराहना की है, लेकिन साथ ही इस बात की चिंता भी जाहिर की है कि यह प्रयास उनके लिए पर्याप्त नहीं होगा।

बता दें कि Ford India के भारत में लगभग 391 आउटलेट्स और लगभग 170 डीलर हैं। इन डीलरशिप को स्थापित करने के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यह संभावना नहीं है कि डीलर इस तरह के महत्वपूर्ण निवेश की वसूली कर पाएंगे।

FADA ने यह भी बताया है कि लगभग 40 हजार कर्मचारी Ford के डीलरशिप पर कार्यरत हैं। इसके अलावा एक अन्य चिंता का विषय यह भी है कि कंपनी के लगभग 1,000 वाहनों की बिक्री बाकी है। डीलरों ने प्रमुख बैंकों से अपनी इन्वेंट्री के लिए करीब 150 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है।

इससे डीलरों की आर्थिक स्थिति और भी जटिल हो जाती है। डीलरों के पास कई डेमो वाहन भी हैं। चूंकि Ford ने भारत से बाहर निकलने की घोषणा की है, इसलिए बहुत कम ग्राहक इन कारों को खरीदना चाहेंगे। यहां तक कि डिस्काउंट और ऑफर भी ग्राहकों को Ford की कार खरीदने के लिए प्रेरित करने का काम नहीं कर सकेंगे।


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