Ford के चेन्नई प्लांट में शुरू हुआ EcoSport का उत्पादन, 30,000 कारों का होगा निर्यात
फोर्ड इंडिया के चेन्नई प्लांट में कर्मचारियों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। बता दें कि कंपनी ने 30,000 यूनिट ईकोस्पोर्ट कारों को एक्सपोर्ट करने का कमिटमेंट दिया है जिसे इस साल के अंत तक पूरा करना है। भारत में चार में से तीन संयंत्रों को बंद करने के निर्णय में बाद फोर्ड मोटर के शीर्ष अधिकारियों और श्रमिक संघ के बिच बातचीत जारी है।

अगले साल से उत्पादन होगा बंद
9 सितंबर को गणेश चतुर्थी उत्सव से एक दिन पहले, फोर्ड इंडिया ने 2021 की चौथी तिमाही तक साणंद प्लांट और 2022 की दूसरी तिमाही तक चेन्नई प्लांट में उत्पादन बंद करने की घोषणा की थी। कंपनी चेन्नई में ईकोस्पोर्ट मॉडल बनाती है, जबकि फिगो और एस्पायर मॉडल साणंद में बनाए जाते हैं।

फोर्ड इंडिया का चेन्नई संयंत्र अमेरिका में बेचे जाने वाले इकोस्पोर्ट मॉडल का एकमात्र निर्माता है। यहां बनाए जाने वाले एस्पायर और फिगो मॉडल को मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका में भी बेचा जाता है। पहले फोर्ड इंडिया चेन्नई में एंडेवर मॉडल बनाती थी लेकिन उसने हाल ही में उत्पादन बंद कर दिया।

फोर्ड इंडिया ने एशिया प्रशांत क्षेत्र (चीन को छोड़कर), मध्य पूर्व और अफ्रीका में बेचे जाने वाले रेंजर मॉडल के इंजन निर्माण लिए साणंद संयंत्र का संचालन जारी रखने का फैसला किया है।

श्रमिकों ने की मांग
इस बीच प्लांट बंद करने को लेकर प्रबंधन और मजदूर संघ के बीच दो दौर की चर्चा हो चुकी है। श्रमिकों ने नौकरी की सुरक्षा की मांग की है। उनकी चिंता है प्लांट प्रबंधन किसी भी समय प्रबंधन सोर्सिंग बंद कर संयंत्र को पूरी तरह बंद कर सकता है। श्रमिक संघ का कहना है कि फोर्ड उत्पादन बंद कर प्लांट को किसी इच्छुक खरीदार को बेच देगी।

चेन्नई संयंत्र में मजदूर संघ के साथ मजदूरी समझौता हाल ही में संपन्न हुआ था। समझौता एक वर्ष के लिए वैध है। कंपनी द्वारा संयंत्रों को बंद करने के अपने निर्णय की घोषणा के साथ साणंद में वेतन वार्ता बंद हो गई। संघ के अधिकारियों के अनुसार, चेन्नई संयंत्र और साणंद में श्रमिकों के वेतन में अंतर है।

4000 श्रमिक होने प्रभावित
अधिकारियों ने कहा कि फोर्ड मोटर्स के भारत छोड़ने के फैसले से लगभग 5,300 कर्मचारियों और श्रमिकों का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा। फोर्ड इंडिया के चेन्नई संयंत्र में लगभग 2,700 स्थायी कर्मचारी और लगभग 600 स्टाफ हैं। वहीं साणंद में श्रमिकों की संख्या करीब 2000 है।

फोर्ड इंडिया 500 कर्मचारियों के साथ साणंद इंजन एक्सपोर्ट प्लांट का संचालन जारी रखेगी। इसके अलावा भारत में कारोबार का समर्थन जारी रखने के लिए, कस्टमर केयर और पार्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन के लिए 100 कर्मचारियों की सेवा जारी रहेगी। फोर्ड इंडिया के मुताबिक, इसके फैसले से करीब 4,000 कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका है। कंपनी अपने कर्मचारियों को नुकसान से बचाने के लिए मुआवजा पैकेज देने पर विचार कर रही है।


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