Ford ने साणंद प्लांट में किया आखिरी कार का उत्पादन, प्लांट बंद करने की प्रक्रिया हुई शुरू
अमेरिकी कार निर्माता फोर्ड ने भारत में अपना कारोबार समेटने की शुरूआत कर दी है। कंपनी साणंद (गुजरात) स्थित अपने प्लांट में कारों का उत्पादन बंद कर रही है। शुक्रवार को फोर्ड ने साणंद प्लांट में आखिरी यूनिट का उत्पादन पूरा किया, जिसके बाद अब इस प्लांट को बंद करने के तैयारी शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को इस प्लांट के प्रोडक्शन लाइन में फोर्ड एस्पायर के आखिरी यूनिट का उत्पादन किया गया।

फोर्ड इंडिया उत्पादन बंद करने का फैसला लेते हुए बताया था कि 2021 की चौथी तिमाही तक साणंद प्लांट और 2022 की दूसरी तिमाही तक चेन्नई प्लांट में उत्पादन बंद किया जाएगा। कंपनी चेन्नई में ईकोस्पोर्ट मॉडल बनाती है, जबकि फिगो, एस्पायर और फ्रीस्टाइल मॉडल साणंद में बनाए जाते हैं।

फोर्ड मोटर्स के भारत छोड़ने के फैसले से लगभग 5,300 कर्मचारियों और श्रमिकों का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा। फोर्ड इंडिया के चेन्नई संयंत्र में लगभग 2,700 स्थायी कर्मचारी और लगभग 600 स्टाफ हैं। वहीं साणंद में श्रमिकों की संख्या करीब 2,000 है।

4,000 श्रमिक होंगे प्रभावित
फोर्ड इंडिया 500 कर्मचारियों के साथ साणंद इंजन एक्सपोर्ट प्लांट का संचालन जारी रखेगी। इसके अलावा भारत में कारोबार का समर्थन जारी रखने के लिए, कस्टमर केयर और पार्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन के लिए 100 कर्मचारियों की सेवा जारी रहेगी। फोर्ड इंडिया के मुताबिक, इसके फैसले से करीब 4,000 कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका है। कंपनी अपने कर्मचारियों को नुकसान से बचाने के लिए मुआवजा पैकेज देने पर विचार कर रही है।

चेन्नई प्लांट में उत्पादन है जारी
फिलहाल, फोर्ड इंडिया वर्तमान में चेन्नई प्लांट में उत्पादन जारी रखेगी। बता दें कि कंपनी ने 30,000 यूनिट ईकोस्पोर्ट कारों का वाली है, जिसे इस साल के अंत तक पूरा करना है। भारत में संयंत्रों को बंद करने के निर्णय में बाद फोर्ड मोटर के शीर्ष अधिकारियों और श्रमिक संघ के बीच बातचीत जारी है।

फोर्ड ने बताया था कि भारत में कंपनी पिछले 10 वर्षों से घाटे में चल रही है जिससे कंपनी को 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। भारत में कंपनी की बिक्री लगातार घट रही है और पिछले कुछ सालों में कार बाजार में मंदी के कारण कारोबार के बढ़ने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। इन सभी कारणों के वजह से उत्पादन बंद करने का फैसला लिया गया है।

इसके अलावा BS-6 उत्सर्जन मानकों के लागू होने के बाद कारों का उत्पादन महंगा हो गया। पिछले एक साल से चल रहे कोरोना महामारी के दौरान कंपनी को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, फोर्ड अपने मौजूदा ग्राहकों को सेवाएं देना जारी रखेगी। उत्पादन बंद होने के बाद भी फोर्ड के सर्विस सेंटर और कस्टमर पॉइंट खुले रहेंगे ताकि मौजूदा ग्राहकों को समय पर सर्विसिंग और पार्ट्स मुहैया कराई जा सके।

जहां तक मौजूदा उत्पाद सूची की बात है, डीलर इन्वेंटरी में उपलब्ध कारों के बिक जाने के बाद बिक्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। कंपनी की मौजूदा उत्पाद सूची में फिगो, एस्पायर, फ्रीस्टाइल, ईकोस्पोर्ट और एंडेवर जैसी करें शामिल हैं।


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