Vehicle Scrappage Policy: आम बजट में व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी की हुई घोषणा, अब वाहनों की उम्र 20 साल
केंद्र सरकार ने साल 2021 के लिए अपना आम बजट पेश कर दिया है। भारत सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज साल 2021 के लिए आम बजट पेश किया है। इस आम बजट में वित्तमंत्री ने एक व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी की भी घोषणा की है।

पॉलिसी की घोषणा करते हुए वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि इस नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत निजी वाहनों के मामले में 20 साल बाद और व्यावसायिक वाहनों के मामले में 15 साल बाद वाहनों का फिटनेस परीक्षण किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि पुराने वाहनों को चरणबद्ध करने के लिए एक स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग नीति का विवरण जल्द ही घोषित किया जाएगा। बता दें कि हाल ही में 15 साल पुराने सरकारी वाहनों के लिए स्क्रैपिंग पॉलिसी को पास किया गया है।

सरकारी वाहनों के लिए यह नीति 1 अप्रैल, 2022 से प्रभाव में आने वाली है। सरकारी वाहनों के लिए स्कैप पॉलिसी लागू करने के लिए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी काफी समय से काम कर रहे थे और अब वित्त मंत्री ने आम बजट में इस पॉलिसी को प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों के लिए भी पेश कर दिया है।

इसके अलावा सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले शहरों में रजिस्टर होने वाहनों पर 50 प्रतिशत से ज्यादा ग्रीन टैक्स लगाए जाने की योजना पर काम चल रहा है। साथ ही मंत्रालय ने बताया कि वाहन के टाइप व फ्यूल के आधार पर अलग टैक्स लगाया जाएगा।

इसके अलावा जो लोग वैकल्पिक फ्यूल वाले वाहन जैसे हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक या सीएनजी, एथेनाल, एलपीजी का उपयोग कर रहे हैं, उन पर ग्रीन टैक्स नहीं लगाया जाएगा। ऐसे वाहनों को भी छूट दी गयी है ताकि लोग इस ओर आकर्षित है।

बता दें कि देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार फेम 2 स्कीम के तहत काम कर रही है, इसके तहत वाहनों की खरीदी पर छूट, चार्जर पर छूट व रजिस्ट्रेशन चार्ज पर छूट दी जा रही है, इसके साथ ही कई और फायदे भी दिए जा रहे हैं।

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। वहीं पुराने वाहनों की बात करें तो आम बजट में इस पॉलिसी के पेश होने के बाद, जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। शुरुआत में इस पॉलिसी को दिल्ली जैसे प्रदूषित शहरों में लागू किया जाएगा।


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