Fastag Toll Collection: फास्टैग ट्रांजैक्शन से दिसंबर 2020 में मिला 2,303 करोड़ रुपये का राजस्व
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि देश में दिसंबर 2020 में 13.84 करोड़ फास्टैग ट्रांजैक्शन हुए हैं। वहीं, नवंबर 2020 में 12.48 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किये गए थे। दिसंबर 2020 में नवंबर के मुकाबले 10.83 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 1.35 ट्रांजैक्शन अधिक हुए हैं।

टोल कलेक्शन की बात करें तो, दिसंबर 2020 में 2,303.79 करोड़ रुपये का टोल टैक्स कलेक्ट किया गया है। वहीं, नवंबर 2020 में 2,102 करोड़ रुपये का टोल टैक्स प्राप्त हुआ था। रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में 2.30 करोड़ फास्टैग उपयोगकर्ता हैं। फास्टैग के द्वारा टोल टैक्स संग्रह में 75 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण टोल संग्रह को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के प्रयास में लगी है। इसके लिए देश के सभी टोल बूथ में फास्टैग आधारित टोल कलेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है।

एनएचएआई की पूर्व योजना के तहत देश में 1 जनवरी 2021 से सभी टोल बूथ पर फास्टैग आधारित टोल संग्रह को अनिवार्य किया जाना था, लेकिन कोविड-19 के दौर में मौजूदा हालात को देखते हुए एनएचएआई अब फास्टैग को 15 फरवरी से 2021 से अनिवार्य करने जा रही है।

केंद्र सरकार की मौजूदा रणनीति के अनुसार नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे का काफी तेजी से डिजिटलीकरण किया जा रहा है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन भी शामिल है। इस परियोजना में देश के सभी टोल प्लाजा को 100 प्रतिशत कैशलेस किया जा रहा है।

देश के सभी टोल प्लाजा पर डेडिकेटेड फास्टैग लेन भी बनाए गए हैं। फास्टैग एक डिजिटल स्टीकर है जिसे गाड़ियों के शीशे पर लगाया जाता है। यह रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम करती है। जब गाड़िया टोल प्लाजा से गुजरती हैं तब फास्टैग से जुड़े बैंक या प्रीपेड अकाउंट से अपने आप ही टोल टैक्स का भुगतान हो जाता है।

इससे गाड़ियों को टोल पलजा पर रुक कर टोल भुगतान करने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे समय की बचत होती है साथ ही प्रदूषण भी कम होता है। 100 प्रतिशत टोल कलेक्शन लागू होने के बाद गाड़ियां टोल प्लाजा पर नहीं रुकेंगी जिससे जाम की स्थिति से भी निजात पाया जा सकेगा।

फास्टैग जारी करने का काम बैंकों और पॉइंट-ऑफ-सेल केंद्रों को सौंपा गया है। फास्टैग को ट्रांसपोर्ट ऑफिस से भी ख़रीदा जा सकता है। फास्टैग लेने के लिए आपको केवाईसी और व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देना होगा। फास्टैग अमेजन और पेटीएम पर ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।

बता दें कि फास्टैग लेन में चल रहे बिना फास्टैग वाले वाहनों से दंड के रूप में दोगुना टोल टैक्स वसूल करने का प्रावधान है। यह इसलिए क्योंकि फास्टैग उपयोगकर्ताओं को लेन में इंतजार न करना पड़े और ट्रैफिक जाम की समस्या न हो।

फास्टैग के आने के बाद टोल कलेक्शन में दिनों दिन वृद्धि हो रही है। फास्टैग का प्रयोग सुरक्षा और वाहन की ट्रैकिंग के उद्देश्य से भी किया जा रहा है। इसमें सरकार के पास टोल प्लाजा से गुजरने वाली हर गाड़ी का रिकॉर्ड होगा।

अपने वाहन के फास्टैग से संबंधित जानकारी देखने के लिए माय फास्टैग एप्लीकेशन को भी लॉन्च किया गया है। इस ऐप पर फास्टैग से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं। ऐप पर ग्राहक अपने फास्टैग टोल ट्रांजैक्शन को देखने के साथ अकाउंट रिचार्ज भी करवा सकते हैं।


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