Fastag Mandatory From Midnight: आज रात 12 बजे से फास्टैग होगा अनिवार्य, नहीं लगवाया तो भरना होगा दोगुना टोल
भारत में आज 15 फरवरी की रात 12 बजे से ऑटोमेटिक पेमेंट सिस्टम फास्टैग (FASTAG) को अनिवार्य कर दिया जाएगा। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि फास्टैग को अनिवार्य करने की समय सीमा को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसलिए वाहन मालिकों से अनुरोध है कि वे तुरंत फास्टैग टोल टैक्स सुविधा को अपनाएं। बता दें कि फास्टैग तो 2016 में पेश किया गया था। इसे अनिवार्य करने के बाद टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइन से छूटकारा मिलेगा।

रविवार को मीडिया से बात करते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि फास्टैग को लागू करने की तारीख को दो-तीन बार बढ़ाया गया है ताकि लोग समय रहते फास्टैग खरीद लें, लेकिन अब फास्टैग को लागू करने की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। यानी आज से टोल प्लाजा के सभी लेन पर फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया है।

क्या है फास्टैग
फास्टैग एक डिजिटल स्टीकर है जिसे गाड़ियों के शीशे पर लगाया जाता है। यह रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम करती है। जब गाड़िया टोल प्लाजा से गुजरती हैं तब फास्टैग से जुड़े बैंक या प्रीपेड अकाउंट से अपने आप ही टोल टैक्स का भुगतान हो जाता है।

इससे गाड़ियों को टोल पलजा पर रुक कर टोल भुगतान करने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे समय की बचत होती है साथ ही प्रदूषण भी कम होता है। 100 प्रतिशत टोल कलेक्शन लागू होने के बाद गाड़ियां टोल प्लाजा पर नहीं रुकेंगी जिससे जाम की स्थिति से भी निजात पाया जा सकेगा।

इन वाहनों पर फास्टैग है जरूरी
फास्टैग को सभी पैसेंजर चारपहिया वाहन, बस, ट्रक, लाॅरी और निर्माण में उपयोग होने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए लागू किया गया है। बता दें कि दोपहिया वाहनों में फास्टैग लगवाना जरूरी नहीं है।

कुल 7 तरह के हैं फास्टैग
भारत सरकार ने अलग-अलग वाहनों के लिए कुल 7 रंग के फास्टैग जारी किये हैं। कार, जीप और वैन के लिए वायलेट रंग का फास्टैग, हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए ऑरेंज रंग का फास्टैग, दो एक्सेल वाले बस और ट्रकों के लिए हरे रंग का फास्टैग, तीन एक्सेल वाले बस और ट्रकों के लिए पीले रंग का फास्टैग, चार से छह एक्सेल वाले बस और ट्रकों के लिए गुलाबी रंग का फास्टैग, छह से अधिक एक्सेल वाले वाहनों के लिए नील रंग का फास्टैग और हैवी कंस्ट्रक्शन मशीनरी के लिए काले रंग का फास्टैग जारी किये गए हैं।

फास्टैग नहीं होने पर भरना होगा दोगुना टोल
फास्टैग को लागू करने वाली संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई (NHAI) ने बताया है कि यदि टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन में फास्टैग नहीं होगा तो ऐसे वाहनों से दोगुना टोल टैक्स वसूला जाएगा। बता दें कि 1 दिसंबर 2017 से नए चारपहिया वाहन के रजिस्ट्रेशन पर फास्टैग लेना अनिवार्य किया गया था।

कैसे लें फास्टैग
फास्टैग जारी करने का काम बैंकों और पॉइंट-ऑफ-सेल केंद्रों को सौंपा गया है। फास्टैग को ट्रांसपोर्ट ऑफिस से भी खरीदा जा सकता है। फास्टैग लेने के लिए केवाईसी और व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जानकारी देना अनिवार्य है। फास्टैग अमेजन और पेटीएम जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी खरीदा जा सकता है। फास्टैग के लिए My Fastag मोबाइल ऐप भी जारी किया गया है, जिसपर अधिक जानकारी पाई जा सकती है।

केंद्र सरकार की मौजूदा रणनीति के अनुसार नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे का काफी तेजी से डिजिटलीकरण किया जा रहा है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन भी शामिल है। इस परियोजना में देश के सभी टोल प्लाजा को शत-प्रतिशत कैशलेस किया जा रहा है।

फास्टैग से बढ़ेगी वाहनों की सुरक्षा
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक तजा रिपोर्ट के अनुसार टोल टैक्स का भुगतान करने वाले 75-80 प्रतिशत वाहनों में फास्टैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। फास्टैग के आने के बाद टोल कलेक्शन में दिनों दिन वृद्धि हो रही है। फास्टैग का प्रयोग सुरक्षा और वाहन की ट्रैकिंग के उद्देश्य से भी किया जा रहा है। इसमें सरकार के पास टोल प्लाजा से गुजरने वाली हर गाड़ी का रिकॉर्ड होगा।


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