FAME-2 Validity Extended: फेम-2 योजना की वैद्यता एक साल के लिए बढ़ी
भारी उद्योग विभाग ने सोमवार को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के फेम-2 (FAME-II) प्रमाण की वैद्यता को एक साल की अवधि के लिए बढ़ा दिया है। बता दें कि फेम-2 स्कीम की वैद्यता 31 मार्च 2020 को समाप्त हो गई थी। भारी उद्योग मंत्रालय ने बताया है कि ऐसे वाहन निर्माता जिन्हे 31 मार्च 2020 से बाद फेम-2 प्रमाण पत्र जारी किया गया है, उनकी अवधि को 12 महीनों के लिए बढ़ाया जा रहा है।

आपको बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए चलाई जा रही फेम-2 योजना के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है। इस योजना इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर केंद्र सरकार सब्सिडी प्रदान करती है। इस सब्सिडी के तौर पर इलेक्ट्रिक वाहन पर लगने वाले रोड टैक्स और रजिस्ट्रैशन पर छूट दी जाती है।

फेम-2 योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कई कंपनियों को सूचीबद्ध किया गया है। इसमें देश में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियां जैसे एथर एनर्जी, टाटा मोटर्स, हीरो इलेक्ट्रिक, बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर, रिवोल्ट मोटर्स, एम्पीयर मोबिलिटी, आदि कंपनियां शामिल हैं।

इस स्कीम में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को बढ़ाने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और तकनीक की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फेम स्कीम के पहले चरण को दो साल की अवधि के लिए अप्रैल 2015 में लागू किया गया था। लेकिन इसकी अवधि को कई बार बढ़ाया गया और 31 मार्च 2019 में पहले चरण को पूरा किया गया था।

फेम-2 स्कीम का लक्ष्य मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवश्यक चार्जिंग बुनियादी ढांचे की स्थापना करना है। हाल ही में केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर लगने वाले टैक्स को कम करने की बात कही है।

मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5 प्रतिशत, वहीं अन्य वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। फेम-2 स्कीम के तहत मुख्य रूप से कमर्शियल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, फोर-व्हीलर और प्राइवेट टू-व्हीलर वाहनों की खरीद पर छूट प्रदान की जा रही है।

इस पहल के माध्यम से, सरकार 10 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया, 5 लाख इलेक्ट्रिक तीन-पहिया, 55,000 इलेक्ट्रिक चार पहिया और 7,000 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को सुविधाजनक बनाने के लिए लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार ने 2030 तक 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

हालांकि, प्रोत्साहन विशेष रूप से उन वाहनों को दिया जा रहा है जो लिथियम आयन बैटरी द्वारा संचालित होते हैं या ईंधन सेल जैसी अन्य अग्रिम प्रौद्योगिकियों पर चलते हैं। हुंडई इंडिया, एमजी मोटर इंडिया जैसी कंपनियों ने भारत में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले ही लॉन्च कर दिया है और मर्सिडीज-बेंज भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कार ईक्यूसी लाने वाली पहला लग्जरी कार निर्माता होगी।


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