भारत में Electric कारों की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम, ज्यादा कीमत और कम रेंज बन रही समस्या

भारत में इलेक्ट्रिक कारों का चलन बढ़ रहा है लेकिन पारंपरिक कारों की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री काफी कम है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार धीमी गति से बढ़ रहा है। मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री पारंपरिक कारों के मुकाबले 1 प्रतिशत से भी कम है। वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह स्थिति अगले तीन वर्षों तक बरकरार रहेगी।

भारत में Electric कारों की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम, ज्यादा कीमत और कम रेंज बन रही समस्या

रिपोर्ट में बताया गया है कि इलेक्ट्रिक कारों की ऊंची कीमत और प्रति चार्ज में कम रेंज बड़ी समस्या है। इलेक्ट्रिक कारों की किम रेंज के वजह से ग्राहक इन्हे खरीदने से कतराते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में अगर इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री बढ़ानी है तो कम कीमत पर बेहतर रेंज वाली कारें उपलब्ध करानी होंगी।

भारत में Electric कारों की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम, ज्यादा कीमत और कम रेंज बन रही समस्या

भारत में पिछले साल 20.5 लाख कारें बेची गईं, अगर 1 प्रतिशत के हिसाब से देखा जाये तो इलेक्ट्रिक कारों की संख्या लगभग 25,000 होनी चाहिए लेकिन असल में केवल 3,500 इलेक्ट्रिक कारें ही बिकी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इलेक्ट्रिक कारों की रेस में भारत कितना पीछे है।

भारत में Electric कारों की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम, ज्यादा कीमत और कम रेंज बन रही समस्या

कार ग्राहकों के बीच किये गए एक सर्वे में सामने आया है कि इलेक्ट्रिक कार पसंद करने वाले लोग चाहते हैं कि उनकी कार कम से कम 200 किलोमीटर की रेंज दे। मौजूदा समय में टाटा मोटर्स की Nexon Electric 300 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देने वाली देश की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार है। Nexon Electric की कीमत 14 लाख रुपये से शुरू होती है।

भारत में Electric कारों की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम, ज्यादा कीमत और कम रेंज बन रही समस्या

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की रेस में Hyundai की Kona भी शामिल है लेकिन अधिक कीमत के चलते इसकी बिक्री कमी कम है। बता दें कि Hyundai Kona इलेक्ट्रिक भारत में 23.7 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध की गई है।

भारत में Electric कारों की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम, ज्यादा कीमत और कम रेंज बन रही समस्या

इस रेस में वोल्वो और मर्सीडिज-बेंज जैसी लग्जरी कंपनियां भी शामिल हैं, लेकिन इनकी कारें आम जनता कि पहुंच से बहार है। वहीं भारत में हुंडई अब किफायती इलेक्ट्रिक कारों पर काम शुरू करने जा रही है। कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक कारों के विकास पर 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले कुछ सालों में कंपनी भारतीय ग्राहकों के लिए किफायती इलेक्ट्रिक कारें पेश करेगी।

Article Published On: Wednesday, May 12, 2021, 17:56 [IST]
English summary
Electric car share in India is less than 1 percent details. Read in Hindi.
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