EESL To Install 500 Charging Stations: ईईएसएल देश भर में लगाएगी 500 चार्जिंग स्टेशन, जानें
ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त उपक्रम ईईएसएल (EESL) की योजना वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान देश में कम से कम 500 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की है। ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (EESL) भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए एक परियोजना में निवेश करेगी। ईईएसएल के मैनेजिंग डायरेक्टर, रजत सूद ने एक रिपोर्ट में बताया कि ईईएसएल की परियोजना के तहत देश में लगभग 207 चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत काफी कठिन रही क्योंकि देश कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रहा था। लॉकडाउन के चलते परियोजना की गति धीमी पड़ गई जिससे इसे पूरा करने आगे बढ़ाया गया है। हालांकि, हालात सामान्य होते ही ईईएसएल अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही है।

मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक ईईएसएल देश में 500 चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण पूरा कर लेगी। ईईएसएल देश में कार्बन फ्री चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण पर जोर दे रही है। कार्बन फ्री चार्जिंग स्टेशनों में वाहन चार्ज करने के लिए बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। इन बैटरियों को चार्जिंग स्टेशन के छत पर लगे सोलर पैनल के द्वारा चार्ज किया जाता है।

ऐसे चर्जिंग स्टेशन पर बैटरी स्वैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध की जाएगी। ईईएसएल ने अगले दो से तीन सालों में देश में 10,000 चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण की योजना तैयार की है और इसपर तेजी से काम कर रही है।

वर्तमान में, ईईएसएल ने सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढाँचा स्थापित करने के लिए विभिन्न निजी और सार्वजनिक कंपनियों जैसे अपोलो हॉस्पिटल, बीएसएनएल, महा-मेट्रो, बीएचईएल और एचपीसीएल के साथ गठजोड़ किया है।

सरकारी उपक्रम ने हैदराबाद, नोएडा, अहमदाबाद, जयपुर और चेन्नई जैसे शहरों में शहरी स्थानीय निकायों के साथ भागीदारी की है और इस तरह के बुनियादी ढांचे को बनाने के लिए दूसरों के साथ चर्चा में है।

चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए मुख्य पूंजी आवश्यकताओं में से एक भूमि की उपलब्धता है, जो अब तक अधिकांश नगर निकायों या सार्वजनिक चार्जर के लिए फर्मों द्वारा ईईएसएल को मुफ्त प्रदान की जाती है।

वर्तमान में, कई ऑटोमोबाइल कंपनियां और स्टैंडअलोन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स सहित अन्य निजी कंपनियां भी चार्जिंग संरचनाओं को खड़ा करने में लगे हैं। इसके अलावा, ईईएसएल ने देश में स्मार्ट मीटर की स्थापना के लिए योजना बनाई है।

ईईएसएल ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, दिल्ली, राजस्थान के साथ अंडमान और निकोबार में स्मार्ट मीटर के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। दिसंबर 2020 के मध्य तक संचयी रूप से 15 लाख मीटर से अधिक स्थापित किया जा चुका है।

वर्तमान में, ईईएसएल स्मार्ट मीटर कार्यक्रम (एसएमएनपी) के तहत पूरे भारत में 25 करोड़ पारंपरिक मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने के लिए काम कर रही है। इससे बिलिंग क्षमता में सुधार और वेब आधारित निगरानी प्रणाली के माध्यम से मैनुअल मीटर रीडिंग पर होने वाली लागत को कम करने की उम्मीद है।


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