Delhi Electric Vehicle Policy: दिल्ली में इलेक्ट्रिक कैब ऑपरेटर खोलेंगे पब्लिक चार्जिंग स्टेशन
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने शनिवार को कहा कि आप सरकार कैप्टिव चार्जिंग स्टेशनों को खोलने के लिए कई इलेक्ट्रिक वाहन फ्लीट ऑपरेटरों के साथ बातचीत कर रही है। सरकार के इस कदम से जून 2021 तक शहर में सार्वजनिक उपयोग के लिए 750 से अधिक चार्जिंग स्टेशन खुल सकते हैं। मौजूदा समय में दिल्ली में 72 चार्जिंग स्टेशनों का संचालन किया जा रहा है।

दिल्ली में मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सिनेमा हॉल, ऑफिस स्पेस, होटल, रेस्तरां, अस्पताल जैसे सभी भवनों को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कुल पार्किंग स्पेस का 5 प्रतिशत आरक्षित करना होगा। इसके साथ धीमी गति के चार्जिंग स्टेशन को भी स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। दिल्ली सरकार के इस फैसले से शहर में दिसंबर तक 10,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर लिए जाएंगे।

कैलाश गहलोत ने बताया कि सरकार ने प्रमुख स्थानों पर 500 चार्जिंग पॉइंट के साथ 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए पहले ही निविदा जारी कर दी है जो दिसंबर 2021 तक चालू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को सुचारू बनाने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भारत भर में नेतृत्व किया है।

पिछले सप्ताह वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली सरकार ने अगले 25 वर्षों में अपने पूरे परिवहन बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहन प्रणाली में बदलने का लक्ष्य रखा है।

सरकार ने बताया है कि इस योजना से दिल्ली को वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निजात मिलेगा। बता दें कि दिल्ली में हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि साल के कुछ महीने दिल्ली की हवा में पार्टिकुलेट मैटर का लेवल सबसे खतरनाक स्तर से भी ऊपर चला जाता है।

ऐसे में दिल्ली के लोगों को खुली हवा में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। दिल्ली में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों से निकलने वाला कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड है। हालांकि, अब दिल्ली सरकार ने वाहनों होने वाले प्रदूषण को समाप्त करने के लिए कमर कस ली है।

दिल्ली सरकार की योजना के अनुसार राज्य में हर 3 किलोमीटर की अवधि पर एक चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यवस्था से वाहन चार्जिंग स्टेशन की कमी और समस्या को दूर किया जाएगा। ऐसे चार्जिंग स्टेशनों पर पर्सनल और कमर्शियल दोनों ही वाहनों को चार्ज किया जा सकेगा।

इसके अलावा ईंधन पर चलने वाले वाहनों के जैसे ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने की भी योजना बनाई गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईकोसिस्टम तैयार किया जाएगा जहां इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी से जुड़ी हर समस्या का समाधान मिलेगा।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को अगस्त 2020 में लागू किया गया था। इस नीति के तहत राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण अथवा बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क से मुक्त रखा गया है। इसके अलावा राज्य सरकार इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर अधिकतम 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।


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