दिल्ली में अब नहीं मिलेगी इलेक्ट्रिक कारों पर सब्सिडी, सरकार का ध्यान केवल दोपहिया और तीनपहिया वाहनों पर
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर दिए जाने वाली सब्सिडी योजना को बंद कर दिया है। मंगलवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी योजना को और आगे नहीं बढ़ाना चाहती। पिछले साल अगस्त में लॉन्च हुए इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत 1,000 इलेक्ट्रिक कारों पर सब्सिडी की योजना को लागू किया गया था।

बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर बैटरी क्षमता के अनुसार सब्सिडी तय की गई थी। योजना के तहत 1,000 इलेक्ट्रिक वाहनों पर 10,000 रुपये प्रति किलोवाटऑवर (kWh) की दर से सब्सिडी दी जा रही थी। दिल्ली में एक इलेक्ट्रिक वाहन पर अधिकतम 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी तय की गई थी। वहीं, दोपहिया, तीनपहिया, फ्रीट और कूरियर इलेक्ट्रिक वाहनों पर अधिकतम 30,000 रुपये की सब्सिडी का फायदा दिया जा रहा था।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक कारों को सब्सिडी से आवश्यक प्रोत्साहन मिला है। हमारा ध्यान अब दोपहिया वाहनों, माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इन वाहनों की संख्या 1 करोड़ से अधिक है इसलिए इस क्षेत्र में खरीदारों को उचित प्रोत्साहन देकर हम प्रदूषण को नियंत्रित करने में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

जुलाई और सितंबर के बीच, दिल्ली में इस अवधि के दौरान पंजीकृत कुल 1.5 लाख वाहनों में से 7,869 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ, जो कुल पंजीकृत वाहनों का लगभग सात प्रतिशत है। अगस्त से अक्टूबर के बीच दिल्ली में 22,805 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। यह पिछले चार महीनों में दिल्ली में लगभग 31,000 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया गया।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि ई-कारों के लिए अब सब्सिडी की आवश्यकता नहीं है क्योंकि जो लोग इलेक्ट्रिक कार के लिए लगभग 15 लाख का भुगतान कर सकते हैं, वे बगैर सब्सिडी के 1-2 लाख रुपये का अधिक भुगतान करने में सक्षम हैं। हमारा उद्देश्य उन लोगों को सब्सिडी प्रदान करना है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, और उनमें ऑटो चालक, दोपहिया वाहन मालिक, डिलीवरी पार्टनर आदि शामिल हैं।

दिल्ली सरकार ने पिछले साल अगस्त में अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति शुरू की थी। यह देश भर में किसी भी राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित पहली पूर्ण ईवी नीति में से एक है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण किया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने मॉल, कॉम्प्लेक्स, मार्केट सहित अन्य बड़ी कंपनियों के बिल्डिंग में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों को लगाने की अपील की है।

दिल्ली में ग्रीन ऑटो परमिट की प्रक्रिया हुई शुरू
दिल्ली सरकार अपनी ग्रीन दिल्ली अभियान के तहत 4,261 ई-ऑटो का परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकि है। ध्यान देने वाली बात यह है इसमें 33 फीसदी ई-ऑटो परमिट महिलाओं के लिए आरक्षित किये गए हैं। दिल्ली सरकार महिलाओं को 1,406 परमिट जारी करेगी। दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री कैलाश गहलोत ने सूचित किया है कि ई-ऑटो के परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

दिल्ली सरकार अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ई-ऑटो की खरीद पर 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान रही है। कोई भी व्यक्ति जिसके पास दिल्ली का पता, हल्के मोटर वाहन का वैध ड्राइविंग लाइसेंस या टीएसआर ड्राइविंग लाइसेंस के साथ आधार संख्या है, वह ई-ऑटो परमिट के लिए आवेदन करने के लिए पात्र होगा।


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