EV Share In Delhi Increases: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ी, तीन महीनें में बिके 2,621 वाहन
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन यातायात का नया और किफायती साधन बनते जा रहे हैं। पिछले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री ने जोर पकड़ी है। इसमें केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारों की नीतियों का भी अहम योगदान है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों हिस्सेदारी महज तीन महीनों में 1 प्रतिशत से बढ़कर 2.21 प्रतिशत हो गई है।

बता दें कि दिल्ली सरकार ने अगस्त 2020 में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू किया था। तीन महीने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से भी कम थी, वहीं तजा आंकड़ों के अनुसार अब यह हिस्सेदारी बढ़कर 2.21 प्रतिशत हो गई है।

इस महीने की शुरुआत में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते समय कहा था कि दिल्ली में पिछले तीन महीनों में 1,18,482 वाहन खरीदे गए हैं जिसमे 2,621 इलेक्ट्रिक वाहन हैं। इससे यह साफ है राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

पिछले महीने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता लाने ले लिए 'स्विच दिल्ली' अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सरकार रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में छूट दे रही है।

दिल्ली के बजट में इलेक्ट्रिक वाहन मुख्य मुद्दा रहा है। बजट पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली सरकार ने अगले 25 वर्षों में अपने पूरे परिवहन बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहन प्रणाली में बदलने का लक्ष्य रखा है।

सरकार ने बताया है कि इस योजना से दिल्ली को वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निजात मिलेगा। बता दें कि दिल्ली में हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि साल के कुछ महीने दिल्ली की हवा में पार्टिकुलेट मैटर का लेवल सबसे खतरनाक स्तर से भी ऊपर चला जाता है।

ऐसे में दिल्ली के लोगों को खुली हवा में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। दिल्ली में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों से निकलने वाला कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड है। हालांकि, अब दिल्ली सरकार ने वाहनों होने वाले प्रदूषण को समाप्त करने के लिए कमर कस ली है।

दिल्ली सरकार की योजना के अनुसार राज्य में हर 3 किलोमीटर की अवधि पर एक चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यवस्था से वाहन चार्जिंग स्टेशन की कमी और समस्या को दूर किया जाएगा। ऐसे चार्जिंग स्टेशनों पर पर्सनल और कमर्शियल दोनों ही वाहनों को चार्ज किया जा सकेगा।

इसके अलावा ईंधन पर चलने वाले वाहनों के जैसे ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने की भी योजना बनाई गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईकोसिस्टम तैयार किया जाएगा जहां इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी से जुड़ी हर समस्या का समाधान मिलेगा।


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