Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को ट्वीट कर बताया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर काम जल्द ही शुरू होने वाला है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से दोनों शहरों की दूरी 235 किमी से घटकर 210 किमी रह जाएगी और 6.5 घंटे की जगह मात्र 2.5 घंटे में पहुँचा जा सकेगा। यह देश का पहला ऐसा हाइवे होगा जिसमें वन्यजीव संरक्षण के लिए 12 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।

दिल्ली - देहरादून एक्सप्रेस-वे की अनुमानित लगत 13,000 करोड़ रुपये है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर-पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर तथा देहरादून जिलों से गुजरेगा। इस एक्सप्रेसवे का पहला सेक्शन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होगा और बागपत के पास ईपीई जंक्शन से पास समाप्त होगा।

पहले चरण में 32 किलोमीटर में से 18 किलोमीटर एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा। एक्सप्रेसवे में 6 लेन कैरिजवे और 6 लेन सर्विस रोड बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे से उत्तरपूर्वी दिल्ली को ट्रैफिक जैम से छुटकारा मिलेगा। यह यूपी सरकार को इलेक्ट्रॉनिक सिटी और मंडोला विहार डेवलपमेंट की लाइफ लाइन साबित होगा।
दूसरे सेक्शन में ईपीई क्रासिंग के बाद एक्सप्रेसवे पर 118 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड मार्ग बनाया जाएगा जिसे सहारनपुर बाईपास से जोड़ा जाएगा। हाईवे पर प्रवेश और निकास के लिए कुल 7 इंटरचेंज और 60 अंडरपास होंगे।

यह एक्सप्रेसवे अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली से लैस होगा। एक्सप्रेसवे की निगरानी के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर क्लोज टोल प्रणाली, सीसीटीवी कैमरों से पूरे हाईवे की निगरानी की जाएगी।

एक्सप्रेसवे पर 25 किलोमीटर के अंतराल पर अत्याधुनिक जान सुविधाएं बनाई जाएंगी। चौथे सेक्टोन में सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर में 40 किलोमीटर एक्सेस कंट्रोल सुरक्षा अथवा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार सुनिश्चित की जाएगी। इस सेक्शन में अतरिक्त अंडरपास और सर्विसरोड रोड का निर्माण किया जाएगा।

चौथा और आखरी सेक्शन गणेशपुर से देहरादून का है। इसका ज्यादातर हिस्सा वन्य भूमि से गुजरता है, साथ ही दुर्घटनाओं के लिहाज से काफी संवेदनशील क्षेत्र है। इस क्षेत्र में सड़कें संकरी है जिस वजह से लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है।

इस सेक्शन में सड़कों को पर्याप्त चौड़ाई देने के लिए 12 किलोमीटर की सड़क एलिवेटेड रोड और अंडरपास के रूप में बनाया जाएगा। एलिवेटेड और अंडरपास सड़क जानवरों की बेरोकटोक आवाजाही को सुनिश्चित करेगा।

6 लेन 12 किलोमीटर लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर है जो अपने आप में एक मिसाल है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण में भूमि अधिग्रहण एवं पर्यावरण समर्थन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। एक्सप्रेसवे का निर्माण मार्च 2021 में शुरू किया जाएगा और 2 साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना प्रस्तावित है।


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