Changan Automobile Shuts Down India Office: चीन की चंगन ऑटोमोबाइल ने भारत के ऑफिस किए बंद
भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा पार तनाव के बीच चीनी वाहन निर्माता कंपनी चंगन ऑटोमोबाइल ने भारतीय बाजार में प्रवेश करने की अपनी योजना को खत्म करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि पिछले साल जून में पूर्वी लद्दाख की गैलवान घाटी में भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच टकराव हुआ था।

जिसके बाद से ही भारत और पड़ोसी देश चीन के संबंधों में खटास आ गई थी। दोनों सेनाओं के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद भारत सरकार ने देश में सभी चीनी निवेशों के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाए थे। सरकार ने सभी चीनी ऐप्स पर तो प्रतिबंध लगा ही, साथ ही सभी चीनी कंपनियां जांच के दायरे में आ गईं।

इसके अलावा ऑटो सेक्टर में भी कई निवेशकों ने अपने निवेश को रोक दिया था। इन्हीं सब के चलते चीनी वाहन निर्माता कंपनी चंगन ने भी भारतीय बाजार में प्रवेश करने की अपनी योजनाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है, जिसके चलते कंपनी भारत में अपना कोई भी वाहन पेश नहीं करेगी।

एक रिपोर्ट की माने तो चीनी वाहन निर्माता चंगन ने भारत में 500 मिलियन डॉलर के निवेश की योजना बनाई थी। आपको बता दें कि कंपनी पहले से ही भारत की प्रवेश करने की योजनाओं के लिए ईवाई नामक एक कंसल्टेंसी फर्म के साथ बातचीत कर रही थी।

इसके अलावा कार निर्माता चंगन ने तमिलनाडु, गुजरात और तेलंगाना में ग्रीनफील्ड-आधारित फेसेलिटी के लिए जगह देखना भी शुरू कर दिया था। कंपनी ने अपने डिस्ट्रिब्यूश को संभालने के लिए एक स्थानीय पार्टनर के साथ साझेदारी भी की थी।

बता दें कि पिछले महीने ही चीनी कार निर्माता चंगन ने भारत में अपने कार्यालयों को समय से पहले बंद कर दिया था। वहीं कुछ रिपोर्ट्स से इस बात की जानकारी भी मिली थी कि कंपनी के एकमात्र सलाहकार ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

आपको बता दें कि चंगन द्वारा भारत में प्रवेश करने का पिछले पांच वर्षों में यह तीसरा प्रयास था। कुछ साल पहले ही कंपनी ने भारत में अपने वैश्विक साझेदार फोर्ड के साथ टाई-अप में कॉन्ट्रैक्ट मैनुफेक्टरिंग के विचार को सामने रखा था, लेकिन इसे लेकर बातचीत नहीं हुई।

ध्यान देने वाली बात यह है कि चंगन भारत में लॉन्च होने की योजनाओं को रद्द करने या अपने निवेश को रोकने वाली एक एकमात्र कंपनी नहीं है। ग्रेट वॉल मोटर्स जैसे ऑटो हब को भी भारत सरकार द्वारा लागू की गई सख्त नीतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा है।

ग्रेट वॉल के जिन एक्सपर्ट्स के वीजा की अवधि समाप्त हो गई थी, उन्हें नए वीजा के साथ वापस चीन लौटना पड़ा, हालांकि कंपनी इसके बाद भी भारत में प्रवेश की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखे हुए है। कार निर्माता ने पिछले साल ही पुणे के पास तालेगांव में जनरल मोटर्स का प्लांट खरीदा था।
Source: ET Auto


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