Govt To Support E-Vehicles Through Subsidies: केंद्र सरकार सब्सिडी देकर ई-वाहनों की खरीद को करेगी प्रोत्साहित
देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के मकसद से केंद्र सरकार 62,000 इलेक्ट्रिक कार और बसों के साथ 15 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू और थ्री-व्हीलर की खरीद पर सब्सिडी देने की घोषणा की है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि सरकार देश भर में इलेक्ट्रिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने फेम (FAME) नीति के दूसरे चरण के लिए 10,000 करोड़ रूपये का बजट निर्धारित किया गया है।

इस चरण में सार्वजनिक और साझा परिवहन के विद्युतीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमे सब्सिडी के माध्यम से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का समर्थन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सब्सिडी से 7,000 ई-बसें, 5 लाख ई-3 व्हीलर, 55,000 ई-4 व्हीलर पैसेंजर कार और 10 लाख ई-टू व्हीलर लाभान्वित होंगे।

इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के बीच वाहन की रेंज की समस्या के समाधान के लिए चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। गडकरी ने बताया की सरकार सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले सभी इलेक्ट्रिक टू, थ्री और फोर व्हीलर वाहनों का पंजीकरण कर रही है। भारी उद्योग मंत्रालय की सूचना के अनुसार देश में 98 इलेक्ट्रिक वाहन मॉडलों को 8 फरवरी 2021 तक फेम (FAME) इंडिया स्कीम फेज -2 के तहत पंजीकृत किया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी 5 प्रतिशत है और ऐसे वाहनों पर कर को कम करने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। खरीद मूल्य में अग्रिम कटौती के रूप में ई-वाहनों के खरीदारों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है।

इसके अलावा, प्रोत्साहन बैटरी की क्षमता से जुड़ा है, यानी प्रति kWh बैटरी पर 10,000 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है जो इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर, 3-व्हीलर और 4-व्हीलर के लिए लागू है। गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नियम और सलाह जारी की है।

इनमें वाहनों के लिए हाइब्रिड इलेक्ट्रिक सिस्टम या इलेक्ट्रिक किट का रेट्रो-फिटमेंट शामिल है। ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए ग्रीन बैकग्राउंड पर पीले रंग का नंबर प्लेट और पर्सनल ई-वाहनों पर ग्रीन बैकग्राउंड में सफेद रंग का नंबर प्लेट मान्य किया गया है।

16 से 18 वर्ष के लोगों 4.0 किलोवाट (KW) क्षमता की इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक लाइसेंस लेने के बाद चला सकेंगे। अन्य पहलों में परमिट के लिए बैटरी संचालित परिवहन वाहनों और इथेनॉल और मेथनॉल ईंधन पर चलने वाले परिवहन वाहनों को छूट शामिल है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की गई है, इसके अलावा बिना बैटरी वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और पंजीकरण के बारे में भी सलाह दी गई है।


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