Honda Civic से Nissan Kicks तक, ज्यादा कीमत के चलते भारतीय ग्राहकों को रास नहीं आई ये 5 कारें
ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए किसी भी बाजार में बने रहने के लिए ग्राहकों की पसंद की परख बेहद जरूरी होती है। भारत जैसे देश में अधिकांश लोग अब किफायती कारों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो, कार जेब पर भारी नहीं होनी चाहिए साथ ही इसमें सभी तरह के नए उपकरण और सुविधाएं भी होनी चाहिए।

हालांकि, भारतीय बजार में कई कार कंपनियां ऐसी हैं जो ग्राहकों की जरूरतों को समझने में दूसरी सफल कंपनियों से पीछे रह गईं जिसके कारण उनके कुछ कारें बेहतर होने के बावजूद बाजार में बुरी तरह पिछड़ गईं। यहां हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी कारों के बारे में जिनकी अधिक कीमत ने उन्हें बाजार से बाहर कर दिया। आइये जानते हैं...

1. होंडा सिविक
होंडा सिविक कंपनी की बेस्ट परफॉर्मेंस सेडान कार है। यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में काफी पॉपुलर है लेकिन भारत में अधिक कीमत के कारण यह अपना जलवा दिखने में कामयाब नहीं हुई। होंडा सिविक अपने आकर्षक लो फ्लोर डिजाइन और फ्यूचरिस्टिक फीचर्स के लिए जानी जाती थी। भारत में होंडा सिविक को 2005 से बेचा जा रहा था। कंपनी ने 2019 में इसके फेसलिफ्ट संस्करण को भारत में लॉन्च किया था।

हालांकि, कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट में मारुति, हुंडई और टाटा की किफायती कारों से मिल रही प्रतिस्पर्धा के कारण होंडा सिविक अपना कमाल नहीं दिखा पाई। आखिरकार दिसंबर 2020 में होंडा ने अपने ग्रेटर नोएडा प्लांट में सिविक का उत्पादन बंद कर दिया। भारत में होंडा सिविक 19 लाख से 24 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) कीमत के बीच उपलब्ध थी।

2. होंडा जैज
होंडा ने भारतीय बाजार में अपनी शुरूआत सेडान कारों के साथ की थी। जिसके बाद साल 2000 में कंपनी ने जैज के साथ प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में प्रवेश किया था। होंडा जैज आज भारतीय बाजार में हुंडई आई20 और मारुति एस-क्रॉस को टक्कर देती है। हालांकि, इसकी बिक्री अन्य प्रीमियम हैचबैक की तुलना में काफी कम है।

देखा जाये तो, होंडा जैज की कीमत हुंडई आई20 से अधिक है लेकिन फीचर्स के मामले में यह आई20 से पीछे रह गई, जो इसकी कम बिक्री की एक बड़ी वजह है। होंडा जैज की सर्विसिंग कॉस्ट भी अन्य प्रीमियम हैचबैक की तुलना में अधिक है।

3. होंडा अकॉर्ड
सिविक की तरह होंडा अकॉर्ड भी 2000 के दशक में भारतीय बाजार में आने वाली पहली लग्जरी कारों में से एक थी। इसने अच्छा प्रदर्शन किया, क्योंकि इसने कुछ प्रथम श्रेणी की लक्ज़री सुविधाओं की पेशकश की और इसकी कीमत अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में थोड़ी कम थी। होंडा अकॉर्ड के प्रसिद्ध होने का कारण न केवल कार का बड़ा आकार था बल्कि इसका 3.2-लीटर V6 इंजन भी काफी पॉवरफुल था।

होंडा ने 2016 में अकॉर्ड के हाइब्रिड वैरिएंट को भारत में लॉन्च किया था लेकिन यह सीबीयू रूट के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी। जिसके कारण इसकी कीमत सेगमेंट में मौजूद प्रतिद्वंदी कारों से कहीं अधिक हो गई थी। कंपनी द्वारा दूसरा कदम उठाने से पहले होंडा अकॉर्ड की यह पीढ़ी विफल हो गई।

4. टोयोटा यारिस
टोयोटा ने हाल ही में भारत में यारिस सेडान का उत्पादन बंद किया है और इसके साथ ही यह सेडान अब भारत में कंपनी के लाइनअप से हटा दी गई है। भारत में टोयोटा यारिस के मुकाबले में होंडा सिटी और हुंडई वरना जैसी कारें कम कीमत और अधिक फीचर्स के साथ उपलब्ध हैं। यही कारण है कि यारिस ग्राहकों का ध्यान आकर्षित करने में विफल रही।

5. निसान किक्स
निसान किक्स जापानी कार निर्माता की एक और बेहद कम पॉपुलर कारों में से एक है। कंपनी ने 2019 में किक्स के फेसलिफ्ट संस्करण को नए फीचर्स और डिजाइन अपडेट के साथ लॉन्च किया था। यह कार सेफ्टी फीचर्स और मजबूती में भी शानदार है। हालांकि, बाजार में मौजूद अन्य कॉम्पैक्ट एसयूवी की तुलना में अधिक कीमत के कारण किक्स अपनी पहचान नहीं बना पाई। कंपनी ने इसे टर्बो पेट्रोल इंजन में भी उपलब्ध किया है।


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