जल्द आने वाली है BH-सीरीज की नबंर प्लेट्स, यहां जानें कैसा होने वाला है इस प्लेट्स का फॉर्मेट
भारतीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें सरकार ने बताया है कि अब किसी वाहन मालिक के एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानातंरण करने पर अपने वाहन के रिज्ट्रेशन में राहत मिलेगी, क्योंकि अब किसी दूसरे राज्य में स्थानांतरण करने पर वाहन का दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा।

इसके लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने वाहनों के लिए एक नया Registration Mark - Bharat Series (BH-सीरीज) पेश किया है। MoRTH ने कुछ महीने पहले वाहनों के लिए इस नई अखिल भारतीय रजिस्ट्रेशन सीरीज का प्रस्ताव दिया था। जब कोई वाहन मालिक एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होता है, तो BH-मार्क वाले वाहन को नए Registration की जरूरत नहीं होगी।

BH-सीरीज प्लेट्स: उपलब्धता और फॉर्मेट
MoRTH द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह सुविधा स्वैच्छिक आधार पर रक्षा कर्मियों, केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी, जिनके कार्यालय चार या अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद हैं।

BH-सीरीज नंबर प्लेट्स के फॉर्मेट की बात करें तो इस प्लेट में Vehicle Registration का साल, Bharat Series के लिए BH-कोड, संख्याएं और अक्षर शामिल होंगे। इस फॉर्मेट के आधार पर वाहन का Registration Number कुछ इस प्रकार रखा जाएगा - 21 BH 0000 AA।

BH-सीरीज प्लेट्स: रोड टैक्स स्ट्रक्चर
नई BH-सीरीज के अनुसार रोड टैक्स दो साल के लिए या दो के मल्टीपल्स में लगाया जाएगा। MoRTH द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि "14वां वर्ष पूरा होने के बाद, मोटर वाहन कर या रोड टैक्स सालाना लगाया जाएगा, और यह उस राशि की आधी होगी जो पहले उस वाहन के लिए लिया गया था।"

यह योजना नए राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में स्थानांतरित होने पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निजी वाहनों की मुफ्त आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगी।

कारों को एक नए राज्य में ले जाने की वर्तमान प्रक्रिया
मौजूदा समय की बात करें तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 47 के तहत, जब कोई वाहन मालिक एक राज्य से दूसरे राज्य जाता है, तो उसे उस राज्य में 12 महीने से अधिक समय तक वाहन रखने की अनुमति नहीं होती है और इसे नए राज्य में उसे दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होता है।

ऐसा करने के लिए वाहन मालिक को नए राज्य में वाहन को रजिस्टर करने के लिए मूल राज्य से एनओसी प्राप्त करनी होती है। साथ ही नए राज्य में प्रो-राटा आधार पर रोड टैक्स का भुगतान करने के बाद वाहन को एक नया रजिस्ट्रेशन मार्क दिया जाता है।

इसके बाद मूल राज्य में प्रो-राटा आधार पर रोड टैक्स की वापसी के लिए एक आवेदन करना होता है। मौजूदा समय में यह प्रक्रिया काफी थकाऊ और बोझिल है।


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