Union Budget 2021: वाहन कंपनियों ने बताया 2021 का बजट कैसे है उनके लिए खास, पढ़ें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश कर दिया है। इस बजट से अन्य सेक्टर्स के साथ ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए भी नई नीतियों की घोषणा की गई है। पिछले कुछ वर्षों से वाहन कंपनियां स्क्रैपेज पॉलीसी को लागू करने की मांग कर रही थीं जिसे लागू करने की घोषणा इस बजट में कर दी गई है। वाहन स्क्रैपजे नीति के लागू होने के बाद अब सड़कों से 15 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल वाहन और 20 साल से अधिक पुराने निजी वाहनों को हटाया जाने वाला है।

स्क्रैपजे नीति के लागू होने के बाद देश में 17 लाख कमर्शियल वाहनों और 51 लाख प्राइवेट वाहनों को हटाया जाएगा। देश के शहरों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत करने के लिए 18,000 करोड़ रुपये की योजना की भी घोषणा की गई है जिसमे नई बसों को खरीदने से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर पैसे खर्च किये जाएंगे।

यूनियन बजट 2021 के पेश होने के बाद देश की प्रमुख वाहन कंपनियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। आइये जानते हैं इस बजट में वाहन कंपनियों ने क्या प्रतिक्रिया दी है और आने वाला वित्तीय वर्ष उनके लिए क्या नई संभावनाएं ला रहा है।

फॉक्सवैगन इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, " यह यूनियन बजट से अर्थव्यवस्था को ठीक करने में काफी मददगार साबित होगा। केंद्र सरकार ने इस बजट में 6 मुख्य क्षेत्रों के विकास पर ध्यान दिया है जिसमे स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन के साथ, ग्रामीण विकास भी शामिल है।"

उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और ग्रामीण विकास से ऑटोमोबाइल उद्योग को सीधा फायदा होने वाला है। आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से वाहनों की मांग बढ़ने वाली है। इसके साथ ही वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी से बड़े स्तर पर पुराने वाहनों को बंद किया जाएगा जिससे बाजार में नए वाहनों की मांग बढ़ेगी।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर्स के उपाध्यक्ष, विक्रम किर्लोस्कर का कहना है कि यह बजट कोरोना माहमारी के दौर में अर्थव्यवस्था में सुधार लाने की क्षमता रखता है। सरकार ने कोरोना से प्रभावित क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने के लिए नीतियों का निर्माण किया है।

उन्होंने बताया कि इस बजट में टैक्स को बिना बढ़ाए सभी क्षेत्रों के समावेशी विकास पर ध्यान दिया गया है। बैंकों के निजीकरण, बीमा सेक्टर में अधिक सीलिंग और गैर निष्पादित परिसंपत्ति के निपटारे के लिए जो नियम बनाए गए हैं वो अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि वाहन स्क्रैपिंग नीति से सड़कों से पुराने वाहनों को हटाने में मदद मिलेगी साथ ही प्रदूषण को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि इस नीति को जल्द ही धरातल पर उतारा जाए ताकि ऑटोमोबाइल सेक्टर को नीति से फायदा मिल सके।

स्कोडा फॉक्सवैगन ऑटो इंडिया के प्रबंधक निदेशक गुरप्रताप बोपराई का कहना है कि नया बजट देश में उत्पाद की मांग को बढ़ाएगा जिससे आर्थिक उन्नति आएगी। सड़क एवं परिवहन के क्षेत्र के लिए नई नीति से नई नौकरियां मिलेंगी। वाहन स्क्रैपेज नीति को लागू कर सरकार ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए बड़ी सहायता की है। आने वाले समय में नए वाहनों की मांग बढ़ने वाली है।

वहीं, भारतीय ऑटोमोबाइल डीलर संघ (FADA) में भी नए बजट से खुशी की लहर है। बता दें कि फाडा (FADA) के सदस्यों ने कई बार वाहन स्क्रैपेज नीति को लागू करने की मांग की थी। फाडा ने एक अनुमान के तौर पर बताया है कि देश में 37 लाख पुराने कमर्शियल वाहन और 52 लाख पुराने प्राइवेट वाहनों को हटाया जाएगा।


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