दिल्ली में 20 दिन में 270 पुराने वाहन हुए जब्त, अगर आप भी चला रहे हैं पुरानी गाड़ी तो जान लें ये नए नियम
दिल्ली समय सीमा पार कर चुके पुराने वाहनों की धर-पकड़ जारी है। दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने 1 अक्टूबर से 20 अक्टूबर, 2021 के बीच पेट्रोल और डीजल पर चलने वाले 270 पुराने वाहनों को जब्त किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर पाबंधी लगाई गई है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग ऐसे 300 से ज्यादा वाहनों को स्क्रैप (कबाड़) करने की तैयारी कर रहा है।

बता दें कि विभाग ने पहले एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था जिसमें 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल और 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहन चलाने वाले लोगों से अपील की गई थी कि वे अपने वाहनों को अधिकृत व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर पर स्क्रैप करवाएं। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2021 में परिवहन विभाग ने 132 डीजल और 262 पेट्रोल कारें जब्त की थीं।

दिल्ली में 37 लाख वाहनों की समय सीमा समाप्त
दिल्ली में लगभग 37 लाख वाहन ऐसे हैं जो एंड-ऑफ-लाइफ वाहन हैं या कबाड़ हो चुके हैं, लेकिन इनका उपयोग अभी भी किया जा रहा है। वर्तमान में दिल्ली में एक करोड़ से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। दिल्ली हर साल गंभीर प्रदूषण के मुद्दों से जूझती है और सरकार ने इसके पीछे प्रमुख कारणों में से एक प्रदूषण करने वाले वाहनों को जिम्मेदार ठहराया है।

पीयूसी हुआ अनवार्य
अगर आप दिल्ली एनसीआर में बगैर पीयूसी के वाहन चला रहे हैं तो आप पर प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई हो सकती है। दिल्ली में पीयूसी सर्टिफिकेट (Pollution Under Control Certificate) को अनिवार्य कर दिया गया है। अब बगैर वैद्य पीयूसी के वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। यही नहीं, अगर वाहन का वैद्य पीयूसी नहीं है तो 6 महीने की जेल या 3 महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।

देश में वाहन स्क्रैपिंग नीति हुई लागू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2021 को 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश में वाहन कबाड़ नीति (व्हीकल स्क्रैपिंग पालिसी) को लागू किया था। कबाड़ नीति के लागू होने के बाद अब पुराने वाहनों के मालिक अपने वाहन को सरकार द्वारा प्रमाणित स्क्रैपिंग सेंटर में स्क्रैप करवा सकेंगे। पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाने के बदले वाहन मिलाकों लो सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा जिसके आधार पर नए वाहन पर लगने वाले रोड टैक्स में छूट दी जाएगी।

नए वाहनों पर मिलेगा लाभ
परिवहन मंत्रालय की सूचना के अनुसार, गैर-परिवहन निजी वाहनों के लिए रोड टैक्स पर 25 प्रतिशत और परिवहन या वाणिज्यिक वाहनों के लिए 15 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई है। राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत नए नियमों को केंद्रीय मोटर वाहन (चौबीसवां संशोधन) नियम, 2021 कहा जाएगा, और यह 1 अप्रैल, 2022 से लागू होगा। सर्टिफिकेट जारी होने के आठ साल बाद ट्रांसपोर्ट वाहनों को और 15 साल बाद गैर-ट्रांसपोर्ट वाहनों को कोई लाभ नहीं दिया जाएगा, इसका मतलब यह है कि स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट मिलने के बाद तय समय सीमा के भीतर ही नया वाहन खरीदना होगा तभी लाभ मिलेगा।

पुराना वाहन चलाने वालों पर बढ़ेगा बोझ
केंद्र सरकार अगले साल से सभी पुराने निजी और वाणिज्यिक वाहनों पर लगने वाले शुल्क को बढ़ाने जा रही है। अब 1 अप्रैल 2022 से 15 साल से ज्यादा पुराने बाइक, कार या बस के री-रजिस्ट्रेशन के लिए आठ गुना ज्यादा शुल्क का भुगतान करना होगा। हालांकि, इस नीति का दिल्ली के वाहन मालकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली एनसीआर में पहले से ही 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से जयदा पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर रोक है।

इन वाहनों पर बढ़ा इतना शुल्क
बता दें कि अगले साल अप्रैल से शुल्क के नए दरों को लागू किया जा रहा है। अब 15 साल से ज्यादा पुराने दोपहिया वाहन के पंजीकरण के लिए 300 रुपये के बजाये 1,000 रुपये का शुल्क देना होगा। अगर 15 साल से ज्यादा पुरानी कार चलाते हैं तो अब रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के लिए 5,000 रुपये का शुल्क देना होगा।

इसी तरह 15 साल से अधिक पुराने सार्वजनिक और वाणिज्यिक वाहनों, जैसे बस या ट्रक, के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र के नवीनीकरण पर भी वर्तमान की तुलना में आठ गुना अधिक खर्च करना होगा। इन वाहनों के लिए नवीनीकरण शुल्क 10,000 रुपये से लेकर 12,500 रुपये के बीच तय किया गया है। आयातित बाइक और कारों के लिए अब पंजीकरण का नवीनीकरण अधिक महंगा होगा। ऐसे दोपहिया वाहनों के लिए 10,000 रुपये और चारपहिया वाहनों के 40,000 का नवीनीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।

यदि मालिक पुराने वाहनों के पंजीकरण समय पर नहीं कराता है, तो उसे देरी के लिए प्रत्येक दिन 50 रुपये का जुर्माना देना होगा। पंजीकरण प्रमाणपत्रों के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने में देरी के मामले में, निजी वाहन मालिक से हर महीने देरी के लिए 300 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। इस तरह की देरी के लिए हर महीने कमर्शियल वाहन मालिक से 500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। यदि वाहन मालिक स्मार्ट कार्ड धारक है तो 200 का अतिरिक्त शुल्क भी लिया जाएगा।


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