What Is The Connected Cars: क्या होती है कनेक्टेड कार, क्यों बढ़ रही है भारत में मांग
कनेक्टेड कार, पिछले कुछ समय से यह चर्चा में बना हुआ है, देश भर में कनेक्टेड कारों की मांग बढ़ गयी है। ऐसे में यह सवाल मन में उठता है कि कनेक्टेड कार क्या होते हैं और भारत में यह कब आया और इसकी मांग इतनी क्यों हो रही है।

कनेक्टेड कार परिभाषा
कनेक्टेड कार ऐसे कार होते हैं जिनके भीतर ऐसे डिवाइस होते हैं जिनकी मदद से कार के भीतर उपलब्ध डिवाइस या कार के बाहर अन्य डिवाइस, नेटवर्क या सर्विस से कनेक्ट किया जा सके। इन्टरनेट एक्सेस आमतौर पर लोकल एरिया नेटवर्क से कनेक्ट किया जाता है।

ऐसे में कई एक्सपर्ट मानते हैं कि कनेक्टेड कार इन्टरनेट ऑफ थिंग्स का हिस्सा है। इस वजह से कार के भीतर कई जानकारी मिलती है जो कि आमतौर पर नहीं मिलती है। यह इस डिजिटल दुनिया में कई तरह से ड्राइविंग, फीचर्स, सुरक्षा को प्रभावित करती है।

कनेक्टेड कार को कई कैटेगरी में बांटा जा सकता है इसमें सेफ्टी, नेविगेशन, इंफोटेनमेंट, डायग्नोस्टिक व पेमेंट शामिल है। इसके आने से सभी तरह से कार जगत प्रभावित हुआ है और वर्तमान में तो इसे हर प्रीमियम कार में एक जरुरी फीचर के रूप में देखा जाने लगा है।

लाभ
कनेक्टेड कार के आने से अब आसानी से इन्टरनेट से म्यूजिक सीधे सुना जा सकता है, इसे स्मार्टफोन से कनेक्ट किया जा सकता है। इसके साथ ही वौइस् कमांड व हैंड्स फ्री कंट्रोल, ब्लूटूथ, हॉटस्पॉट, कंपनी के सर्विस सेंटर से सीधे सर्विस व फीडबैक लिया/दिया जा सकता है।

यह सुरक्षा को भी बेहतर करने में मदद करती है। कनेक्टेड कार की मदद से रोड साइड असिस्टेंस मिलती है, इससे तुरंत मदद मिल जाती है। इसके साथ ही लगातार ट्रैफिक अपडेट मिलते हैं, साथ ही कोलिजन वार्निंग जैसे चीजों की मदद भी मिलती है, जिससे घटना से बचा जा सकता है।

इसके साथ ही यह कार की हेल्थ रिपोर्ट, सर्विस रिमाइंडर, पर्किंग आदि की जानकारी मिलती है। साथ ही रियल टाइम वेदर, रियल टाइम ट्रैफिक, कॉल व मैसेज करने में आसानी भी हो जाती है। इन सब वजह से कनेक्टेड कार को पसंद किया जा रहा है।

भारत की पहली कनेक्टेड कार हुंडई वेन्यू थी जिसे 2019 में लाया गया था, इसके बाद एमजी हेक्टर को लाया गया जो देश की पहली इंटरनेट कार थी, इसके बाद यह लोकप्रिय हो गयी और अब अधिकतर कारों को इसी के साथ लाया जा रहा है।


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