West Bengal Waves Tax Penalty On CVs: बंगाल सरकार ने कमर्शियल वाहनों पर टैक्स पेनाल्टी को किया माफ
लॉकडाउन के चलते देर से कमर्शियल वाहन टैक्स देने पर लगाए गए जुर्माने को पश्चिम बंगाल सरकार ने माफ कर दिया है। राज्य सरकार के तरफ से वाहन चालकों को राहत पहुंचाने के लिए यह बड़ा माना जा रहा है। बता दें कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद राज्य के कई वाहन संघों ने सरकार से बकाया टैक्स पर जुर्माने को माफ़ करने की अपील की थी।

हालांकि, प्राइवेट बस चालकों को राज्य सरकार ने बकाया टैक्स पर कोई छूट नहीं दी है। कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी वाहनों की रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट की वैद्यता 31 जुलाई तक बढ़ा दी है।

पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले के बाद प्राइवेट बस चालक संघों में आक्रोश है। प्राइवेट बस यूनियनों की मांग है कि उन्हें भी टैक्स अथवा जुर्माने में छूट दी जाए। इसपर राज्य सरकार ने जवाब देते हुए कहा है कि प्राइवेट बसों के लिए सरकार ने विशेष राहत पैकेज का ऐलान किया है।

राज्य में कोरोना महामारी के कारण बस संचालन खासा प्रभावित हुआ है। बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के कारण काफी कम यात्री बैठाए जा रहे हैं जिससे किराए में कमी आई है। इसके साथ ही राज्य में बढ़ती डीजल की कीमतों ने बस चालकों के लिए नई परेशानी खड़ी कर दी है।

पश्चिम बंगाल प्राइवेट बस चालकों ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में 27 जुलाई से प्रत्येक सोमवार को डीजल नहीं खरीदने का फैसला किया है। बस यूनियनों का कहना है कि बस चालक डीजल की बढ़ी कीमतों के बाद राज्य सरकार से लगातार किराये में वृद्धि की मांग कर रहे हैं।

संघ ने कहा कि डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और राज्य सरकार किराया वृद्धि की हमारी मांग पर कोई निर्णय नहीं ले रही है। अगर कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रही तो पश्चिम बंगाल में निजी बस परिवहन व्यवसाय दिवालिया हो जाएगा।

जुलाई में पेट्रोल और डीजल की कीमत में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। पिछले महीने ही पेट्रोल की कीमत ने डीजल को पार कर दिया था। पिछले सप्ताह पेट्रोल की कीमत 81.35 रुपये प्रतिलीटर थी जबकि डीजल की कीमत 81.52 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी।


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