Volvo To Discontinue Diesel Models: वोल्वो भारत में डीजल माॅडलों को करेगी बंद, तैयार है फ्यूचर प्लान
वोल्वो ने भविष्य में क्लीन मोबिलिटी को अपनाने के लिए इलेक्ट्रिक कारों के तरफ कदम बढ़ाने की घोषणा की थी। इस योजना में कंपनी ने भारत को भी शामिल कर लिया है। हाल ही में वोल्वो ने बताया है कि कंपनी भारत में केवल पेट्रोल और इलेक्ट्रिक कारों को ही बेचेगी। कंपनी 2022 से भारत में डीजल कारों की बिक्री बंद करेगी।

कंपनी ने बताया है कि डीजल कारों को बंद करने और इलेक्ट्रिक कारों को लाने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। कंपनी भारत में पांच कारों की बिक्री कर रही है, जिसमे एक्ससी40, एक्ससी60, एक्ससी90 एसयूवी, वी90 एस्टेट और एस90 सेडान शामिल हैं।

कंपनी ने एक्ससी40 को भारत में पेट्रोल मॉडल में पेश कर दिया है। अब कंपनी इस मॉडल के इलेक्ट्रिक वैरिएंट को लाने की तैयारी कर रही है। वोल्वो के फ्यूचर प्लान की बात करें तो पेट्रोल मॉडल में अगली कार एक्ससी60 हो सकती है। इसके बाद अन्य सभी मॉडलों को पेट्रोल और बाद में इलेक्ट्रिक वैरिएंट में भी लाया जाएगा।

वोल्वो ने बताया है कि देश में 2.0 लीटर 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन में कारों को लॉन्च किया जाएगा। कंपनी पेट्रोल मॉडल के लिए टर्बोचार्ज्ड और सुपरचार्ज्ड इंजन पर काम कर रही है।

वोल्वो अपने इंडिया प्लान के तहत स्थानीयकरण पर ध्यान दे रही है, जिसके तहत कंपनी भारत में कारों को असेम्बल करेगी। वोल्वो इंडिया ने घोषणा की है कि 2021 की शुरूआत से कंपनी भारत में ही अपनी कारों को असेम्बल करेगी।

कंपनी भारत सरकार के मेक-इन-इंडिया प्रोग्राम के तहत कारों को देश में ही असेम्बलिंग शुरू करेगी। फिलहाल, कंपनी अपने कुछ मॉडलों को भारत में ही असेम्बल करती है जबकि अधिकतर मॉडलों के पूरी तरह से तैयार यूनिट को इम्पोर्ट किया जाता है।

वोल्वो की अधिकतर कारों को कंपनी अर्धनिर्मित मॉडल के रूप में भारत में आयात करती है, इन्हे बंगलुरु के होसकोटे प्लांट में असेम्बल किया जाता है। बाकि बचे कारों के पूरी तरह से तैयार मॉडलों को कंपनी आयात करती है। इन कारों पर कंपनी को 60-100 प्रतिशत का इम्पोर्ट ड्यूटी भरना पड़ता है। वहीं, अर्धनिर्मित कारों पर केवल 15-20 प्रतिशत का इम्पोर्ट ड्यूटी ही भरना पड़ता है।

इम्पोर्ट ड्यूटी के कारण वोल्वो की करें भारत में महंगी हो जाती हैं। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले महीने वोल्वो की कारों की सबसे कम बिक्री हुई है। कंपनी उम्मीद जाता रही है कि आने वाले महीनों में बिक्री सामान्य हो सकती है।

बता दें कि वॉल्वो ने XC40 आधारित इलेक्ट्रिक कार का भी खुलासा किया है। 2018 में कंपनी ने कहा था कि अगले 3-4 सालों में कंपनी 4 नए इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय बाजार में उतार सकती है।

पर्यावरण को स्वक्ष रखने और विद्युतीकृत भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में कंपनी धीरे-धीरे ईंधन कारों से निर्भरता हो हटाकर इलेक्ट्रिक कारों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है। वॉल्वो का मानना है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों का ही इस्तेमाल होगा इसलिए इसे अभी से ही एक व्यावसायिक रूप देना होगा।

कंपनी भविष्य में ईंधन पर चलने वाले मॉडलों को बंद करेगी। वोल्वो ने 2019 में पेश की गई कुछ कारों में हाइब्रिड इलेक्ट्रिक इंजन का इस्तेमाल किया था और इसके बाद से ही फुल इलेक्ट्रिक कारों के विकास पर तेजी से काम कर रही है।


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