Volvo India To Locally Assemble Cars: वोल्वो 2021 से भारत में ही करेगी सभी कारों को असेम्बल, जानें
वोल्वो इंडिया ने घोषणा की है कि 2021 की शुरूआत से कंपनी भारत में ही अपनी कारों को असेम्बल करेगी। कंपनी भारत सरकार के मेक-इन-इंडिया प्रोग्राम के तहत कारों को देश में ही असेम्बलिंग शुरू करेगी। फिलहाल, कंपनी अपने कुछ मॉडलों को भारत में ही असेम्बल करती है जबकि अधिकतर मॉडलों के पूरी तरह से तैयार यूनिट को इम्पोर्ट किया जाता है।

फिलहाल भरत में वोल्वो के पोर्टफोलियो में पांच कारें हैं, जिनमे XC40, XC60, XC90, V90 क्रॉस कंट्री और S90 कारें शामिल हैं। इनमे से अधिकतर मॉडलों को कंपनी अर्धनिर्मित मॉडल के रूप में भारत में आयत करती है, जिन्हे बंगलुरु के होसकोटे प्लांट में असेम्बल किया जाता है।

बाकि बचे कारों के पूरी तरह से तैयार मॉडलों को कंपनी आयत करती है। इन कारों पर कंपनी को 60-100 प्रतिशत का इम्पोर्ट ड्यूटी भरना पड़ता है। वहीं, अर्धनिर्मित कारों पर केवल 15-20 प्रतिशत का इम्पोर्ट ड्यूटी ही भरना पड़ता है।

इम्पोर्ट ड्यूटी के कारण वोल्वो की करें भारत में महंगी हो जाती हैं। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले महीने वोल्वो की कारों की सबसे कम बिक्री हुई है। कंपनी उम्मीद जाता रही है कि आने वाले महीनों में बिक्री सामान्य हो सकती है।

बता दें कि वॉल्वो ने XC40 आधारित इलेक्ट्रिक कार का भी खुलासा किया है। 2018 में कंपनी ने कहा था कि अगले 3-4 सालों में कंपनी 4 नए इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय बाजार में उतार सकती है।

पर्यावरण को स्वक्ष रखने और विद्युतीकृत भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में कंपनी धीरे-धीरे ईंधन कारों से निर्भरता हो हटाकर इलेक्ट्रिक कारों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है। वॉल्वो का मानना है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों का ही इस्तेमाल होगा इसलिए इसे अभी से ही एक व्यावसायिक रूप देना होगा।

कंपनी आने वाले धीरे-धीरे ईंधन पर चलने वाले मॉडलों को बंद करेगी। वोल्वो ने 2019 में पेश की गई कुछ कारों में हाइब्रिड इलेक्ट्रिक इंजन का इस्तेमाल किया था और इसके बाद से ही फुल इलेक्ट्रिक कारों के विकास पर तेजी से काम कर रही है।


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