कोरोना लॉकडाउन: वोल्वो-आयशर ने बांटे मेडिकल किट और फूड पैकेट, बसों को कर रही है सैनिटाइज
देश में कोरोना वायरस के फैलते हुए संक्रमण को देखते हुए कई वाहन कंपनियां लोगों की मदद के लिए सामने आ रही हैं। देश भर में चल रहे लॉकडाउन को दूसरी बार बढ़ा दिया गया है। अब नया लॉक डाउन 17 अप्रैल तक जारी रहेगा। ऐसे में देश के कई इलाकों में फंसे प्रवासी मजदूरों और बेघरों की रोजी-रोटी बंद होने के कारण उन्हें कई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस कठिन स्थिति से निपटने के लिए देश की दो बड़ी वाहन निर्माता कंपनियां वोल्वो और आयशर ने जरूरतमंदों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। यह दोनों कंपनियां जरूरतमंदों को खाने-पीने की सामग्री पहुंचाने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा किट और चिकित्सा उपकरण भी प्रदान कर रही हैं।

इसके अलावा कंपनियां राज्य और केंद्र सरकार को कोरोना वायरस के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में मदद के लिए रिलीफ फंड में दान भी कर रहीं हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न शहरों में काम कर रहे ट्रक ड्राइवरों को स्पेशल मेडिकल किट, खाने के पैकेट, मास्क और सैनिटाइजर भी बांटे जा रहे हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार वोल्वो और आयशर ने सामूहिक रूप से 1,20,000 फूड पैकेट को वितरित किया है। इसके अलावा क्षेत्रीय गैर सरकारी संगठनों की मदद से कंपनी निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को भी सहायता पहुंचा रही है।

वॉल्वो आयशर ग्रुप प्रवासी मजदूरों को घरों तक पहुँचाने वाले बसों को सैनिटाइज भी कर रही है ताकि बसों का दोबारा सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सके।

आयशर ग्रुप फाउंडेशन भारत में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के तरीकों पर किशोर लड़कियों और युवा महिलाओं में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने पर काम कर रही है।

लॉकडाउन के कारण गरीब और दिहाड़ी मजदूरों के लिए एक वक्त का खाना भी मुश्किल पड़ रहा है। ऐसे में देश के बड़े उद्योगपति और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं।


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