Volvo Drops New Cars For Training: वोल्वो ने 10 नई कारों को क्रेन से गिराकर किया तबाह, जानिए क्यों
वोल्वो कार्स ने एक वीडियो जारी किया हैं, जिसमें दिखाया गया है कि हाल ही में कंपनी ने एक क्रेन का उपयोग करके कई नई कारों को काफी ऊंचाई से दुर्घटनाग्रस्त किया था। बता दें कि इन कार दुर्घटनाओं को कंपनी द्वारा आयोजित किया गया था।

इन दुर्घटनाओं को इसलिए कराया गया था, जिससे फर्स्ट रिस्पांडर क्षति का आकलन कर सकें और साथ ही कार में फंसे घायलों को कार से बाहर निकालकर अपने कौशल को और बेहतर कर सकें। वोल्वो ने कई संभावित दुर्घटना परिदृश्यों को फिर से बनाया है।

इन परिदृश्यों में सबसे ज्यादा खतरनाक विस्फोटकों का इस्तेमाल करना था। जानकारी केअनुसार इन नई कारों को 30 मीटर की ऊंचाई से गिराया गया था, जो कि सामान्य क्रैश टेस्टिंग की नकल जैसी ही थी। वोल्वो ने एक दुर्घटना के सभी संभावित परिदृश्यों पर विचार किया था।

जिससे दुर्घटना को एक असली कार दुर्घटना जैसा रखा जा सके, ताकि उन फर्स्ट रिस्पांडर्स को ऐसी स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिले। इसमें एक तरह के हाइड्रोलिक बचाव उपकरण का इस्तेमाल भी शामिल है, जिसे ‘जॉ ऑफ लाइफ' नाम से जाना जाता है।

वोल्वो कार्स ट्रैफिक एक्सीडेंट रिसर्च टीम के एक वरिष्ठ इन्वेस्टिगेटर, हाकन गुस्ताफसन ने कहा कि "हम कई वर्षों से स्वीडिश बचाव सेवाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारा एक ही लक्ष्य है: ‘सभी के लिए सुरक्षित सड़कें हों'।"

आगे उन्होंने कहा कि "हम आशा करते हैं कि किसी को भी गंभीर दुर्घटनाओं का अनुभव करना न पड़े, लेकिन सभी दुर्घटनाओं से बचा नहीं जा सकता है। तो जीवन को बचाने में मदद करने के तरीके होने चाहिए जब सबसे गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं।"

जानकारी के अनुसार वोल्वो ने इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान कुल दस कारों को क्रेन से गिराया था, जो कि विभिन्न साइज, शेप और अलग-अलग सेगमेंट की थीं। इसके अलावा वोल्वो के सुरक्षा इंजीनियरों ने इस बात का भी ध्यान रखा कि क्षति के वांछित स्तर तक पहुंचने के लिए प्रत्येक कार पर कितना दबाव और बल लगाया जाएगा।


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