फॉक्सवैगन ट्रांसपोर्टर सबसे लंबे समय तक उत्पादन में रहने वाला दुनिया का पहला कमर्शियल वाहन
कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन ने फॉक्सवैगन ट्रासंपोर्टर को साल 1950 में सबसे पहले एक कमर्शियल वाहन के तौर पर पेश किया था। इस वाहन को माइक्रोबस और कॉम्बी के नाम से भी जाना जाता है।

उत्पादन शुरू होने से अब तक इस वाहन के 13 मिलियन यूनिट बेचे जा चुके हैं और पिछली 6 पीढियों से यह वाहन बेहतरीन कमर्शियल वाहनों में से एक बना हुआ है और अब यह वाहन सबसे लंबे तक बनाया जाने वाला कमर्शियल वाहन बन गया है।

अब इस वाहन की 70वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। फॉक्सवैगन ट्रासंपोर्टर पर पिछली 6 पीढ़ियों तक ग्लोबट्रॉटर ने इसमें सफर किया है, इसके साथ ही कई व्यवसायों ने भी इस पर भरोसा किया है और यह एक पारिवारिक वाहन के तौर पर भी पसंद किया गया है।

आपको बात दें कि साल 1949 में इस वाहन को हैंड-मेड प्रोटोटाइप के तौर पर पहली बार पेश किया गया था। टी1 नाम की इस वैन में इंजन को पीछे की ओर लगाया गया था और इसे 8 सीटर बस के तौर पर पेश किया गया था।

इस वाहन में फॉक्सवैगन की ही बीटल का इंजन लगाया गया था और यह वैन 750 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती थी। इसके बाद कंपनी ने इसका अपडेटेड वर्जन टी2 पेश किया था और इसे भी लोगों ने बेहद पसंद किया था।

इसके बाद कंपनी ने टी3 को पेश किया, जो पहले से ज्यादा बड़ी, ज्यादा चौड़ी, ज्यादा पैसेंजर क्षमता और बेहतर सुरक्षा प्रदान करती थी। इस मॉडल में फ्लैड डीजल इंजन का इस्तेमाल किया गया और नई चेसिस का इस्तेमाल किया गया था।

इसकी चौथी पीढ़ी के टी4 में फॉक्सवैगन ने और ज्यादा बेहतर तकनीक का इस्तेमान किया और इसके फ्रंट व्हील ड्राइव वैरिएंट को पहली बार दुनिया के सामने पेश किया था। इसे नए डिजाइन के साथ बाजार में उतारा गया था।

वहीं पांचवीं पीढ़ी के टी5 में टी4 के मुकाबले ज्यादा सुधार किया था और फिर 6वीं पीढ़ी के टी6 में कंपनी ने नए इंजन के साथ इंटेलिजेंट ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम, नई इंफोटेनमेंट सिस्टम और नया फ्रंट-एंड डिजाइन दिया है।


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