Vehicle Documents Validity Extended In India: वाहनों के दस्तावेजों की वैधता 31 जुलाई तक बढ़ी
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लगाए गए लॉकडाउन में सभी सरकारी दफ्तरों को बंद रखा गया है। ऐसे में आरटीओ दफ्तर बंद होने के वाहनों के दस्तावेजों का नाम नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने बड़ा फैसला लिया है।

मंत्रालय ने इस बात की घोषणा की है कि कुछ मोटर वाहनों के दस्तावेजों की वैधता को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो मंत्रालय ने यह फैसला मार्च माह से लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के चलते लिया है।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने इस बात की भी पुष्टि की है कि जिन लोगों के वाहनों की वैधता 1 फरवरी 2020 तक थी और उन्होंने अपने दस्तावेजों को रिन्यू नहीं कराया है, तो उन ग्राहकों को अपने दस्तावेजों को रिन्यू कराने के लिए लेट फीस नहीं देनी होगी।
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बता दें कि मंत्रालय ने बीते 30 मार्च को मोटर व्हीकल एक्ट, 1998 और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 के तहत वाहनों के दस्तावेजों की वैधता को आगे बढ़ाया था। मंत्रालय के लोगों को राहत देते हुए इसके बारे में एक सर्कुलर जारी किया है।

इस सर्कुलर में मंत्रालय ने कहा कि "जिन लोगों ने अपने दस्तावेजों को रिन्यू कराने के लिए 1 फरवरी या उसके बाद फीस जमा की है तो उन लोगों को दोबारा फीस नहीं करनी होगी। उनके दस्तावेजों काम उनके द्वारा जमा की जा चुकी फीस में ही किया जाएगा।"

इसके अलावा सरकारी बयान में यह भी कहा गया है कि "अगर 1 फरवरी से लेकर लॉकडाउन लगने तक अगर किसी ने अपने दस्तावेजों के लिए फीस नहीं भरी है, तो उन्हें आने वाली 31 जुलाई 2020 तक कोई लेट फीस देनी नहीं पड़ेगी।"

आपको बता दें कि इसके पहले मंत्रालय ने वाहनों के दस्तावेजों की वैधता को 1 फरवरी 2020 से 30 जून 2020 तक बढ़ाया था। जानकारी के अनुसार वाहनों के कागजातों को लेकर बहुत से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते मंत्रालय ने यह फैसला लिया है।


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