Vehicle Insurance Policy: 31 दिसंबर तक नहीं बढ़ी है वाहन बीमा पाॅलिसी की वैद्यता, जानें जरूरी बातें
देश में कोरोना महामारी के कारण पिछले कई महीनों से चल रही बंदी को देखते हुए केंद्र सरकार ने वाहन संबंधित दस्तावेजों की वैद्यता को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया है। हालांकि, इसमें वाहन बीमा से संबंधित दस्तावेजों को शामिल नहीं किया गया है। बीमा परिषद के अनुसार वाहन के दस्तावेज जिनकी वैद्यता बधाई गई है उनमें ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टीफिकेट, पोल्युशन सर्टिफिकेट, आदि शामिल हैं लेकिन इसमें वाहन बीमा को शामिल नहीं किया गया है।

बीमा परिषद के अनुसार केंद्र सरकार द्वार 24 अगस्त को जारी की गई सूचना के अनुसार वाहन बीमा पॉलिसी को समय पर रिन्यू करवाना आवश्यक है और इसके लिए वैद्यता नहीं बढ़ाई गई है। परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी की गई सूचना में केवल फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र के लिए ही वैद्यता को बढ़ाने की बात कही गई थी।

बीमा परिषद ने मोटर वाहन पॉलिसीधारकों को सूचित करते हुए कहा है कि वाहन बीमा पॉलिसी की वैद्यता को नहीं बढ़ाया गया है इसलिए इनका समय पर नवीनीकरण करवाना अनिवार्य है। बीमा परिषद ने मोटर वाहन चालकों को सलाह दिया है कि वे बीमा पॉलिसियों की निरंतर वैधता के लिए नवीनीकरण की अंतिम तारीख या उससे पहले अपनी बीमा पॉलिसियों का नवीनीकरण करवा लें।

हाल ही में केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 में संशोधन किया है जिसमे वाहन चालकों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस समेत वाहन से जुड़े अन्य दस्तावेजों को अपने साथ रखने की चिंता से मुक्ति दे दी गई है। 1 अक्टूबर से केंद्र ने सरकार यातायात संबंधी नियमों की बेहतर तरीके से निगरानी के लिए आईटी सेवाओं के जरिये और इलेक्ट्रॉनिक निरक्षण को लागू कर दिया है।

नए नियम के तहत अब वाहन चालक अपने वाहन संबंधी दस्तावेजों को डिजिलॉकर या एम-परिवहन पर सेव करके रख सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस द्वारा निरीक्षण के लिए दस्तावेजों की मांग करने पर दस्तावेजों को डिजिटल रूप में पेश किया जा सकता है। पुलिस अब दस्तावेजों का भौतिक रूप से निरक्षण नहीं करेगी।

डिजिलॉकर या एम-परिवहन मोबाइल ऐप पर दस्तावेज के वैद्य पाए जाने के बाद पुलिस अधिकारी आपसे भौतिक दस्तावेजों की मांग नहीं करेगा, जिससे उन्हें साथ में रखने की झंझट से निजात मिलेगा।

एक अन्य फैसले में, केंद्र सरकर ने गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग रूट नेविगेशन के लिए करने को मान्य घोषित कर दिया है। कई ऐसे मामले सामने आ रहे थे जिसमे मोबाइल फोन पर जीपीएस का उपयोग करते हुए वाहन चालकों पर पुलिस ने जुर्माना किया। इसको देखते हुए सरकार वाहन चलाते समय रूट नेविगेशन के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल मान्य कर दिया है।


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