Vehicle Documents Validity Extended In India: सरकार ने वाहनों की कागजात की वैधता 30 सितंबर तक बढ़ाई
देश में कोरोना संकट को देखते हुए लोगों को एक जगह इकठ्ठे होने से रोकने के सभी प्रयास किये जा रहे है। ऐसे समय में लोगों को घर से भी ना निकलना पड़े, इससे संबंधित निर्णय लिए जा रहे है। हाल ही में सरकार ने इससे जुड़ा फैसला लिया है।

राजमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में वाहन से जुड़े कागजात की वैधता को 30 सिंतबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है। इन कागजात में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन या फिटनेस सर्टिफिकेट आदि शामिल है, इससे पहले इसे 30 जून तक बढ़ाया गया था।

नितिन गडकरी की घोषणा के बाद सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश को यह नियम जारी किया गया है कि मोटर वाहन से जुड़े सभी कागजात की वैधता सिंतबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है। वर्तमान की स्थिति को देखतें हुए निर्णय लिया गया है।

यह राहत उन सभी डॉक्यूमेंट को दी गयी है जो कि मोटर व्हीकल एक्ट 1988 तथा सेंट्रल व्हीकल रूल्स 1989 के तहत आते है। जो कागजात 1 फरवरी 2020 को खत्म हो गये है या 31 मई तक खत्म होंगे, उनकी वैधता 30 सितंबर 2020 तक मानी जायेगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि "कोविड19 को रोकने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए व जिस तरह की रिक्वेस्ट प्राप्त हुई थी, गडकरी जी ने अपने मंत्रालय को निर्देश दिया है कि कागजात की वैधता 30 सिंतबर तक बढ़ा दिया गया है।"

देश में कोरोना के केस बढ़ते जा रहे है, जिस वजह से सरकारी ट्रांसपोर्ट ऑफिस बंद पड़े है। इसको ध्यान नें कढ़ते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है ताकि किसी को भी इसकी चिंता ना करनी पड़े। साथ ही ऑनलाइन रिन्यूवल का भी विकल्प ला दिया गया है।

सरकार ने इस आदेश को सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में लागू करने को कहा है, ताकि लोगों को, ट्रांसपोर्टर वालों को तथा अन्य कई संस्था जो इस संकट के समय में जरुरी कार्य कर रहे है उन्हें लॉकडाउन के बीच कोई परेशानी ना झेलनी पड़े।

देश भर में अप्रैल माह में प्राइवेट वाहन को आम रूप से चलने पर बैन लगाया गया था, लेकिन अब ग्रीन व ओरेंज जोने में इसमें थोड़ी छूट मिली है। हालांकि अभी भी भीड़ नहीं करने को कहा गया है जिस वजह से इस तरह निर्णय लेकर लोगों को राहत दी जा रही है।


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