UP To Increase Traffic Violation Fine: उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर बढ़ाया जुर्माना
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन पर बात करते पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया है। बता दें कि मोटर वाहन एक्ट 2019 के अनुसार पहली बार ड्राइविंग करते मोबाइल फोन पर बात करते पकड़े जाने पर 1,000 रुपये जाता है, जबकि दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है।

नए मोटर वाहन एक्ट में ऐसे कई नियम हैं जिनमे संशोधन किया गया है। एक्ट में बार-बार अपराध दोहराने वालों पर सख्ती की गई है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि अगर बार लोग सतर्क होकर वाहन चलाएं। इसके साथ ही हेलमेट न पहनने पर, बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चलाने पर भरी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

सरकार नए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू कर रही है। एक नए नियम के अनुसार अगर आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेंगे तो इसके पॉइंट्स आपके खाते में जुड़ते जाएंगे, जो तय करेंगे की आपके कार या बाइक का इंश्योरेंस प्रीमियम कितना महंगा होगा।

इस कदम को और मजबूत करते हुए सरकार ने इंश्योरेंस रेग्युलेटर भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) को एक 9 सदस्यीय वर्कफोर्स गठित करने का निर्देश दिया है।

इरडा द्वारा गठित इस वर्कफोर्स में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, इरडा, इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया और प्राइवेट सेक्टर की विभिन्न कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे।

यह टीम दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस फॉर्मूले को लागू करेगी जिन्हे दो महीने के भीतर बताना होगा कि इंश्योरेंस प्रीमियम को यातायात नियमों के उल्लंघन से जोड़ने का क्या तरीका हो सकता है। फिलहाल व्हीकल इंश्योरेंस इस बात पर निर्भर करता है कि गाड़ी किस टाइप की है और इंजन क्षमता कितनी है।

सरकार के इस कदम से एक तरफ जहां ट्रैफिक नियम उलंघन और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी वहीं दूसरी तरफ इंश्योरेंस कंपनियों को भी इससे फायदा पहुंचेगा क्योंकि तब उनके पास कम क्लेम आएंगे। साथ ही नियम के उल्लंघन पर इंश्योरेंस कंपनियां चालक से ज्यादा प्रीमियम की मांग कर सकेंगी।


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