Free Bus Tickets For Women: रक्षाबंधन पर सीएम योगी की सौगात, महिलाओं को मिलेगी मुफ्त बस सेवा
उत्तर प्रदेश ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त टिकट की घोषणा की है। राज्य ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की बसों में सफर करने वाली महिलाओं को आज रात 12 बजे तक टिकट का भुगतान नहीं करना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फ्री टिकट की घोषणा करते हुए ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को आज के लिए महिलाओं से किराया नहीं लेने का आदेश जारी किया है।

राज्य ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बताया है कि बसों में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सख्त निर्देह दिया गया है। रक्षाबंधन के त्योहार के अवसर पर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन 11 नई बसों को भी शुरू कर रही है। यह बसें दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, लखनऊ और आगरा से शुरू की जाएंगी।

ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के अनुसार सभी ऐसी, वॉल्वो, शताब्दी, जनरथ और साधारण बसों में महिलों को आज के लिए टिकट नहीं खरीदने पड़ेंगे। सभी बसों को आज से पूरी क्षमता में चलाया जाएगा। साथ ही बसों में को खड़ा रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

इसके अलावा बस में सैनिटाइजर और फेस मास्क का उपयोग करना अनिवार्य होगा। बता दें, कुछ ही सप्ताह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट की एक बैठक में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को अनुमति दी है। कैबिनेट की बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 75 से 100 फीसदी तक टैक्स में छूट और ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव पारित किया है।

प्रस्ताव के अनुसार उत्तर प्रदेश में पहले एक लाख दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत और चारपहिया वाहनों पर 75 प्रतशित रोड टैक्स में छूट दी जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार अब उत्तर प्रदेश में गलत पार्किंग के लिए 500 रुपये, वहीं दूसरी बार नियम तोड़ने पर 1,500 रुपये का चालान किया जाएगा। बिना हेलमेट के बाइक चलाने पर 1,000 रुपये जबकि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को रास्ता नहीं देने पर 10,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा सरकारी कार्य में बाधा डालने पर 2,000 रुपये, वहीं धोखा और जालसाजी कर वाहन लाइसेंस बनवाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सीएम आदित्य नाथ ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और बिक्री को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स में छूट का प्रस्ताव भी पारित किया है।

एक अन्य निर्णय में, मंत्रिमंडल ने कोरोनो वायरस के कारण लॉकडाउन से उत्पन्न समस्याओं के मद्देनजर एक्साइज नीति 2020-21 में कुछ प्रावधानों में संशोधन करने को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति, फेम-1 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए 795 करोड़ रुपये का पैकेज निर्गत किया गया था जबकि फेम-2 नीति के तहत 8,730 करोड़ रुपये का पैकेज निर्गत किया गया है जिसमे शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को उतारने की योजना बनाई गई है।


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