ट्रक संघ वालों ने की टोल हटाने की मांग, जरुरी सामान की आपूर्ति हो सकती है प्रभावित
देश भर में टोल वसूली 20 अप्रैल फिर से शुरू कर दी गयी है, इसके साथ ही टोल फीस में भी 5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गयी है। देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी है लेकिन इसके बावजूद सभी से टोल वसूली जारी है, जिससे ट्रक वाले सबसे अधिक प्रभावित हो रहे है।

देश में अभी मुख्यतः सिर्फ ट्रक वालों को ही सफर करने की आजादी दी गयी है, इसमें वह वाहन शामिल है जो जरुरी सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहे है। जिस वजह से देश के सभी बड़े ट्रक संघ ने इसका विरोध किया है।

ट्रक संघ वालों का कहना है कि सरकार टोल को लॉकडाउन के खत्म होने तक बंद रखे। बढ़े हुए टोल फीस की वजह से कई ट्रक वाले जल्द ही अपने वाहन को चलाने में असमर्थ हो जायेंगे जिससे वह जरुरी सामान को भी नहीं पहुंचा पायेंगे।

आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के कुलतरन सिंह ने कहा है कि ट्रांसपोर्ट जगत से टोल को कम करने के लिए बहुत ही तीखे रिएक्शन आ रहे है। अधिकतर ट्रक वालों के पास एक से लेकर पांच ट्रक है तथा वह इस आर्थिक प्रेशर को नहीं झेल पायेंगे।

संकट के इस घड़ी में टोल को हटाना बहुत ही जरुरी है, उनका दावा है कि टोल खर्च, ओपरेशन खर्च का 16 - 20 प्रतिशत होता है तथा कम डिमांड व कम काम के समय में ट्रांसपोर्टर यह बोझ नहीं सह पायेंगे। उनके लिए ऐसा करना बहुत ही कठिन होगा।

एआईएमटीसी की मांग है कि टोल को, अक्टूबर के अंत तक या फिर जब तक सभी निर्मल नहीं हो जाता है तब तक, बंद रखा जाये। वर्तमान में ट्रांसपोर्टर को थोड़ी सी राहत देने के लिए 3 मई तक बंद रखना चाहिए।

उनका यह भी कहना है कि सरकार ने अभी तक ट्रांसपोर्ट जगत के राहत पॅकेज की भी घोषणा नहीं की है तथा जरुरी सामान की सप्लाई में लगे ड्राईवर व सहयोगियों के लिए कोई सुरक्षा के कदम नहीं उठाये है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ड्राईवर पॉजिटिव हुआ तो सब ड्राईवर चिंतित हो जायेंगे और वापस काम पर नहीं आयेंगे।

इसके साथ ही ट्रक वालों का सरकार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी जेब भरने के लिए पेट्रोल व डीजल में एक्साइज ड्यूटी को बढ़ा दिया है, वह भी ऐसे समय में जब क्रूड आयल के दाम बहुत ही कम कर दिए गये है।


Click it and Unblock the Notifications