Heavy Vehicles To Have More Capacity: बसों और ट्रकों की क्षमता में होगी बढ़ोत्तरी, जानें
परिवहन मंत्रालय ने वाहन कंपनियों को बस और ट्रक जैसे वाहनों की लम्बाई और ऊंचाई बढ़ने की अनुमति दी है। यह अनुमति भारी वाहनों में कई श्रेणियों के वाहनों पर लागू होगी। जानकारी के अनुसार यह अनुमति इसलिए दी गई है ताकि पैसेंजर और मालवाहक वाहनों की क्षमता बढ़ाने के साथ उनकी आमदनी भी बढ़ाई जा सके।

बता दें की परिवहन मंत्रालय ने वाहन कंपनियों की मांग पर ट्रकों की भार उठाने की क्षमता में भी 25 प्रतिशत का इजाफा किया था। एक अधिसूचना के अनुसार, 12 मीटर के पहले के कैप की तुलना में अब सामान्य बसों की लंबाई 13.5 मीटर तक हो सकती है। इससे बैठने की क्षमता में 10-15% की वृद्धि होगी और यह अंतरराज्यीय परिवहन के लिए वरदान साबित होगा।

नए नियम के अनुसार कंटेनर और क्लोज्ड कंटेनर जैसे ट्रकों की अधिकतम ऊंचाई 4.52 मीटर तक हो सकती है जबकि ऊपर से खुले ट्रकों यह ओपन कंटेनर ट्रकों की ऊंचाई 4 मीटर तक हो सकती है जो पहले 3.8 मीटर थी।

पशुधन और निर्माण उपकरण वाहनों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए अधिकतम ऊंचाई 4.75 मीटर तय की गई है। इसी तरह मंत्रालय ने ट्रक और ट्रैक्टर ट्रेलरों के लिए समान ऊंचाई की अनुमति दी है। बंद लोड बॉडी में मोटर वाहन, निर्माण उपकरण वाहन, पशुधन और सफेद सामान ले जा रहे सभी वाहनों पर नया नियम लगो होगा।

मंत्रालय ने बताया कि सरकार वैश्विक मानकों के अनुसार परिवहन व्यवस्था को ढालना चाहती है ताकि परिवहन क्षेत्र को विकास का पूरा अवसर मिल सके। मंत्रालय ने आगे बताया कि बीएस6 उत्सर्जन मानकों को भी वैश्विक मानदंडों को पूरा करने के लिए लागू किया गया है।

परिवहन मंत्रालय ने कहा कि सतत विकास के लिए जरूरी है कि हम विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के बारे में भी ध्यान रखें। बीएस6 वाहनों से कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने में काफी सहायता मिलेगी।


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