लाॅकडाउन के वजह से ट्रांसपोर्ट में आ रही समस्या, केवल 10 प्रतिशत ट्रक ड्राइवर ही उपलब्ध
देश भर में मालवाहक वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के केंद्र के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ट्रक चालक संघ ने कई मुद्दों को उठाया है जिसके कारण ट्रकों का परिचालन बाध्य हो रहा है।

संघ का कहना है कि प्रति 100 ट्रकों पर केवल 15 ही ड्राइवर उपलब्ध हैं। जबकि कोरोना महामारी से पहले 100 ट्रकों के लिए 58-60 ड्राइवर उपलब्ध थे।

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना महामारी के डर से ड्राइवर अपने घर को लौट रहे हैं। कोरोना वायरस से प्रभावित राज्यों में ट्रक ड्राइवर जाने से मन कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि लगभग 10 प्रतिशत ही ट्रक चल रहे हैं, जिससे जरूरी सामानों की डिलीवरी में भारी दिक्कत आ रही है। इनमे से भी अधिकतर ड्राइवर अपने घर लौटना चाहते हैं।

बता दें, केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किया था कि है लॉकडाउन के दौरान सभी ट्रकों की आवाजाही को सामन्य रखा जाए। लेकिन सरकार का निर्देश फीका पड़ता नजर आ रहा है।

संघ ने ये भी कहा कि लॉकडाउन में ट्रक ड्राइवरों से पुलिस द्वार दुर्व्यवहार किया जा रहा है और बेवजह चेकिंग के लिए रोका जाता है। कई जगहों पर ट्रक ड्राइवरों को पीटने के भी मामले सामने आए हैं।

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से ट्रक ड्राइवरों के लिए 50 लाख रुपये के बीमा कवर की मांग की है। उनका कहना है कि डॉक्टरों और स्वास्थ कर्मियों को भी बीमा कवर दिया गया है।


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