बिना वर्दी पहने पुलिस अधिकारी जब्त नहीं कर सकते ड्राइविंग लाइसेंस
कोलकाता हाईकोर्ट ने कहा कि बिना वर्दी पहने पुलिस अधिकारी द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करना अवैध है। जज सब्यासाची भट्टाचार्य की एकल पीठ ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मोटर वाहन एक्ट की धरा-130 के तहत कोई भी व्यक्ति अपना ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तभी दिखाने के लिए बाध्य है जब पुलिस अधिकारी वर्दी में हो।

बिना वर्दी में अधिकारी किसी भी व्यक्ति का लाइसेंस जब्त नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता सूर्यानील दास के याचिका पर फैसला सुनाते हुए यह टिप्पणी की है।

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को रद्द करते हुए पुलिस को जब्त किये गए ड्राइविंग लाइसेंस को वापस लौटाने का आदेश दिया है।

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता अपनी कार को पार्क करके मोबाइल फोन पर बात कर रहा था, तभी सिविल ड्रेस में दो अधिकारी आए और उनसे पूछताछ करते हुए गाड़ी के कागजात मांगने लगे।

सूर्यानील के अनुरोध के बावजूद अधिकारीयों ने अपना आईकार्ड नहीं दिखाया और उन्हें धमकाते हुए बिना किसी अस्थाई पर्ची जारी किए ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर लिया।

पुलिस ने दलील दिया कि यदि व्यक्ति भाग रहा हो और समन स्वीकार नहीं करता हो तो इसपर धारा 206 के तहत उसका ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किया जा सकता है।

कोर्ट ने दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि यदि ऐसी स्थिति पैदा होती है तो पुलिस ज्यादा से ज्यादा धारा 177 के तहत पहले अपराध के लिए अधिकतम 100 रुपये का जुर्माना लगा सकती है।

ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करने के बाद अस्थाई लाइसेंस के तौर पर काम आने वाली रसीद जारी की जाती है, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया जिससे उनकी गलत मंशा साफ दिखाई देती है।


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