Toyota Halts Indian Market Expansion Plan: टोयोटा भारत में अपने कारोबार का नहीं करेगी विस्तार, जानें
टोयोटा मोटर्स ने भारत में अपने कारोबार के विस्तार की योजना पर रोक लगा दी है। कंपनी का कहना है कि वाहनों पर लगने वाला अत्यधिक टैक्स उन्हें कारोबार को बढ़ाने से रोक रहा है। टोयोटा भारत में हाइब्रिड कारों पर ध्यान केन्द्रित कर रही है लेकिन हाइब्रिड कारों पर सरकार द्वारा 43 प्रतिशत टैक्स लिया जाता है जिससे वाहनकी कीमत में अप्रत्याशित वृद्धि हो जाती है और इसका नकारात्मक असर वाहनों की बिक्री पर पड़ता है।

टोयोटा मोटर्स ने बताया कि साधारण कारों पर टैक्स 28 प्रतिशत है जो सबसे अधिक है। सरकार ने कारों को लग्जरी वस्तुओं की श्रेणी में रखा है इस कारण कार पर टैक्स का बोझ काफी बढ़ गया है। वहीं, हाइब्रिड कारों पर 43 प्रतिशत तक टैक्स लिया जाता है क्योंकि यह कारें पूरी तरह इलेक्ट्रिक नहीं होती हैं।

इलेक्ट्रिक कारों पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है। कार की क्षमता और आकर के अनुसार भी टैक्स निर्धारित किया गया है। 1500 cc से अधिक की कार या एसयूवी पर 50 प्रतिशत तक टैक्स लिया जा रहा है।

टोयोटा मोटर्स इंडिया के वाईस चेयरमैन सेखर विश्वनाथन ने कहा कि भारतीय टैक्स पॉलिसी निर्धारित करेगी की आने वाले समय में वाहन उद्योग कैसे तरक्की करेगा।

उन्होंने बताया कि अधिक टैक्स से वाहन की कीमत में बढ़ोतरी होती है जिससे ग्राहकों के लिए उसे खरीदना ज्यादा महंगा हो जाता है। ऐसे में कम कारों की बिक्री होती है जिससे फैक्टरियों में उत्पादन कम हो जाता है। इस व्यवस्था में आमदनी कम होने के साथ नौकरियां भी कम हो जाती हैं।

उन्होंने बताया कि दो दशकों तक संघर्ष करने के बाद जनरल मोटर्स ने 2017 में भारतीय बाजार से कारोबार को समाप्त कर दिया। फोर्ड भी भारत में महिंद्रा के साथ कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है।

भारतीय कार बाजार में 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मारुति सुजुकी और हुंडई का है जो बाजार में सस्ती और कॉम्पैक्ट कारें उपलब्ध कराती है। वहीं, टोयोटा अब हाइब्रिड कारों की तरफ शिफ्ट कर चुकी है जिससे कंपनी पर टैक्स का भरी दबाव पड़ रहा है।


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