Toll Operators Demand Compensation: टोल ऑपरेटरों ने हाईवे अथॉरिटी को चेताया, जल्द हो क्षतिपूर्ति
टोल ऑपरेटरों ने हाईवे अथॉरिटी से लगभग 650 करोड़ रुपये वसूलने के लिए आर्बिट्रेशन में जाने की चेतावनी दी है। टोल ऑपरेटरों के अनुसार लॉकडाउन के कारण 25 दिनों तक टोल कलेक्शन बंद होने के वजह से 650 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई के लिए ऑपरेटरों ने सरकार से अपील की है।

निजी इक्विटी धारक सहित 162 बिल्ड-ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) टोल ऑपरेटरों ने लॉकडाउन के दिनों में अपनी लागत और नुकसान की मौद्रिक क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अपील की थी जिसपर सहमति न मिलने के बाद ऑपरेटरों ने मध्यस्थता करने का फैसला लिया है।

कोविड-19 के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के अनुपालन के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) के निर्देशों के अनुसार, 25 मार्च से 19 अप्रैल के बीच देश भर में टोल संचालन को निलंबित कर दिया गया था। इस अवधि में देश भर के टोल प्लाजा का संचालन बंद रहा था।

इकनोमिक टाइम्स ऑटो की एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा टोल कलेक्शन को बंद रखने की अवधि का उल्लेख नहीं होने से रियायतकर्ताओं में अशंतोष है।

दरअसल, मई में परिवहन मंत्रालय द्वारा टोल रोड बिल्डरों और ऑपरेटरों की सहायता के लिए कुछ उपायों की घोषणा की थी, जिसमें परियोजना की समयसीमा को छह महीने तक बढ़ाने और काम के लिए ठेकेदारों को त्वरित भुगतान करने की अनुशंसा की गई थी।

हालांकि, इसमें काम बंद होने से और प्रोजेक्ट में देरी से हुए आर्थिक क्षति की भरपाई के लिए किसी भी तरह के राहत पैकेज का आश्वासन नहीं दिया गया था। सूत्रों के अनुसार टोल ऑपरेटरों ने मध्यस्थता की चेतावनी दी है लेकिन अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।


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